मंगलवार, 9 अगस्त 2011

Release 1075 विधाता की विधि का विधान, धरती वासियों की “विश्व स्तरीय, समान, निश्चिंत, आध्यात्मिक, मानवीय, स्वर्गीय व्यवस्था”अकल्पनीय प्रकृति का संविधान

विधाता की विधि का विधान
धरती वासियों की
“विश्व स्तरीय, समान, निश्चिंत, आध्यात्मिक, मानवीय, स्वर्गीय व्यवस्था”
अकल्पनीय प्रकृति का
संविधान

भाग
न.
आधार
सम्बन्ध
संख्या
पहला भाग
1
शब्द वाक्य व उनके सरल अर्थ

दूसरा भाग
2
ज्ञान भंडार का नाम

तीसरा भाग
3
धरती वासियों का इलाका और इलाके के भाग 

चौथा भाग
4
अस्तित्व मे जन्म ले चुके, प्रत्येक के, समानता के साथ प्राकृतिक अधिकार

पाँचवा भाग
5
मानव व बेबस का समानता के साथ प्राकृतिक अधिकार प्राप्त करने का तरीका

छठा भाग
6
मानव द्वारा मानव व बेबस को समान प्राकृतिक
अधिकार देने का कर्तव्य व तरीका 

सातवाँ भाग
7
प्राकृतिक अधिकारों के लेन देन व कर्तव्यों को समानता के साथ हर मानव द्वारा जाँचने के अधिकार

आठवाँ भाग
8
अपराध सिद्ध व असिद्ध होने के आधार

नौ वाँ भाग
9
झूठी शिकायत सिद्ध होने पर दुगना दंड

दसवाँ भाग
10
हर मानव द्वारा हर मानव को आधार सहित अपराधी सिद्ध करने का अधिकार 

ग्यारवाँ भाग
11
हर मानव द्वारा हर मानव को समानता के साथ दंडित करने का अधिकार

बारवाँ भाग
12
हर मानव का उपकरण,
उपकरण जिन्दा और चालू रखने का कर्तव्य


तेरवाँ भाग
13
उच्च पालिका



     13 1 चुनाव विभाग



          13 1 1 न्यायालय



                 13 1 1 1 सूचना



                 13 1 1 2 प्रकृति



                 13 1 1 3 विकास



                 13 1 1 4 सेना





चौदवाँ भाग
14
कार्यपालिका



14 1 बल आधार



          14 1 1 गिरना



              14 1 1 1 झरना



              14 1 1 2 पानी बहना



              14 1 1 3 पानी का फैलाव
             



          14 1 1 4 सागर लहर उपर नीचे



              14 1 1 5 लहर थपेडे



              14 1 1 6 गरमी



              14 1 1 7 प्रकाश



              14 1 1 8 वर्षा शक्ति



              14 1 1 9 टायर शक्ति



              14 1 1 10 पादुका शक्ति



 



         14 1 2 वायु



              14 1 2 1 चलने का वेग



              14 1 2 2 दवाब



  



        14 1 3 व्यर्थ पदार्थ



               14 1 3 1 मल सडाना



               14 1 3 2 माँस सडाना



               14 1 3 3 वनस्पति सडाना



               14 1 3 4 जलाना



                   14 1 3 4 1 कागज़



                   14 1 3 4 2 प्लास्टिक



                   14 1 3 4 3 पत्ते, घास, झाडी,
                              टहनी



                   14 1 3 4 4 तेल के फिल्टर



                   14 1 3 4 5 मरे पशु जलाना



                      



          14 1 4 पशु



          14 1 5 मानव



         



          14 1 6 भू सम्पदा शक्ति



                  14 1 6 जीवाणु गैस



                  14 1 6 जीवाणु तरल



                  14 1 6 कोयला



                  14 1 6 विस्फोटक खनिज



                  14 1 6 चुम्बकीय बल



                              



          14 1 7 अंतरिक्ष



                 14 1 7 1 शीतलता



                 14 1 7 2 खिचाव



                 14 1 7 3 धमक 



          



          14 1 8 धमक 



              14 1 8 1 ध्वनि







14 2 चिकित्सा



          14 2 1 ज्ञान



              14 2 1 1 तमीज़,



              14 2 1 2 शिक्षा,



              14 2 1 3 समाचार,



              14 2 1 4 प्रचार,



              14 2 1 5 मनोरंजन, 



14 3  पवित्रता  



           14 3 1 व्यायाम,



           14 3 2 निवास,



           14 3 3 तापमान,



           14 3 4 जल,



           14 3 5 भोजन







14 4 कर्तव्य   



          14 4 1 सिंगार,



          14 4 2 वस्त्र,



          14 4 3 बिस्तर,



          14 4 4 पादुका



14 5 उपहार   



          14 5 1 श्रद्धा,



          14 5 2 विचार,



          14 5 3 कार्य कुशलता,



          14 5 4 वीरता, 



          14 5 5 प्रतियोगिता,



          14 5 6 प्रोत्साहन,



          14 5 7 चाहत बढाने के लिये  

पन्द्रवाँ भाग
15
यह संविधान का आधार है इसमे कभी कोई बदलाव नही होगा यदि हुआ तो घोर अपराध होगा,


सोलवाँ भाग
16
केवल सामूहिक रूप से मर रहे “अस्तित्व मे जन्म ले चुके प्रत्येक” की सुरक्षा के लिये ही सिर्फ उतने समय के लिये ही, जितने समय मे सुरक्षा प्रदान करनी है, के लिये “विवश अल्प कालीन प्रावधान” बनाया व लागू किया जायेगा, पर यदि कोई “अस्तित्व मे जन्म ले चुके प्रत्येक”  इसे सेवकों के भेदभाव के कारण बनाया या लागू किया जाना सिद्ध करने मे सफल हो गया तो जिम्मेदार सेवकों के ऊपर घोर अपराध साबित होगा           


सत्रवाँ भाग
17
गुणवक्ता,



    17 1 जिम्मेदारी,



    17 2 नियम,



    17 3 शर्त,



    17 3 लापरवाही,



    17 5 दंड 



    17 6 माफी

अठारवां भाग
18
विवादित बात चीत करने का असरदार तरीका  

उन्नीस्वा भाग
19
देरी पर नियंत्रण करने का विभाग 

बीसवाँ भाग
20
अछूतों से रिस्ता करना महानता तरक्की व उपहार दिलायेगा  जिसमे ये लोग हो होगे,
20 1 सम्भोग का सौदा करने वाले तीनों लिंग ,
20 2 अपाहिज,
20 3 लावारिस,
20 4 बुद्धि हीन,
20 5 अनपढ,
20 6 बदसूरत,
20 7 विक्रित अंग धारी,
20 8 भयानक अंग धारी
20 9 कई प्रजाति का मिश्रित शरीर,
20 10 नपुंसक,
20 11 विक्षिप्त,
20 12 अति ज्ञानी
20 13 बेपरवाह
20 14 अपराधी
20 15 ऐवी
                   

इक्कीस्वा भाग
21
हर निवास कार्य स्थल व अन्य मानव द्वारा उपयोग करने वाली जगह मे जेल होगी  

सोमवार, 8 अगस्त 2011

Release 1074 29.7.2011 को श्याडो के विसेर ने सब के हितों व अपनी सुरक्षा के लिये भारत सरकार से जेल मे कानूनी किताबें, आँतों से खून बहने की दवा, एक जोडा कपडे ले जाने के लिये इजाजत माँगी


29.7.2011 को श्याडो का विसेर कुछ कानूनी किताबें, आँतों से खून बहने की दवा, एक जोडा कपडे ले एक वी आई पी ट्राली अटैची मे ले कर जज के पास जेल मे जाने के लिये पहुंच गये, और सर झुका कर जज साहब को सम्मान दिया
जज साहब ने भी मुस्कुरा कर सर हिला कर स्वीकार किया
तब विसेर ने कानूनी किताबें, आँतों से खून बहने की दवा, एक जोडा कपडे जेल मे साथ ले जाने के लिये आवेदन स्वीकार करने की प्रार्थना की
जज साहब बोले आवेदन ले ने का समय खतम हो चुका है 
विसेर बोले ये आवेदन खतम होने के बाद का मामला है
जज साहब ने मुस्करा कर हाथ बडा कर कहा लाओ    
विसेर ने आवेदन दे दिया
आवेदन पढ कर मुस्कुरा कर बोले  
क्यों कि इन सामानों का जेल मे गलत इस्तेमाल हो जाता है इस लिये
सी जे का आदेश है कि जेल मे बाहर की चीजें ले जाने की इजाजत नही दी जाये
आप इस सी जे के आदेश की कोपी ले लो
हमने कहा हमे पता है हमे नही चाहिये  
पर ये उसके बाद
(यानी उस आदेश से उंचे कानून के तहत आधार प्राप्त करके दिया हुआ) का है    
जज साहब बोले आप ये आवेदन जेल मे दे दीजिये
विसेर ने पूछा जेल मे इंचार्ज़ सुपरीटेंडेंट या किसी विशेष नियुक्त किये गये अधिकारी किस को दिया जायेगा
जज साहब बोले सुपरीटेंडेंट
विसेर ने पूछा कि हमारे एरिया के हिसाब से हमे किस ज़ोन की जेल मे रखा जायेगा
जज साहब बोले ये ज़ोन के हिसाब से नही अलग अलग अपराध के हिसाब से रखा जाता है जैसे स्मगलर का वार्ड अलग है वगैरा वगैरा........ 
तिहाड मे अलग अलग वार्ड है वही वो अलग वार्ड देगे हिसाब से
जज साहब मुस्कुराते हुये बोले ये इसमे पपीता वगैरा क्या लिखा है 
विसेर ने कहा हम एलोपैथी का नुकसान करता इलाज नही लेते, हम नैचुरल थैरिपी के तहत भोजन के साथ 100 ग्राम पपीता, 300 ग्राम दूध वगैरा ले कर इलाज काबू मे रखते है और कुछ थोडी सी फस्टेड दवाइयां है
जज साहब बोले जेल मे फस्टेड उपलब्ध है
और कानून की किताबें तो नही पर किताबें वहाँ है
आप बेल के लिये आवेदन दे सकते हो
आप एक महीने मे अगर जुर्माना देना चाहो तो दे सकते हो
विसेर बोला हमे पता है कि पिछले तीन सालों मे हमारे पास कितना आया है  
आप आज से ही जे ल शुरू कर दीजिये
जज साहब बोले नही आज नही करेंगे कानून के हिसाब से चलेंगे
आपको कम समय दिया गया था
शायद इस बीच आप का मन बदल जाये
कानून के तहत आपको एक महीने का और समय दिया जाता है
विसेर पुनः बोला आप आज से ही जेल मे कर दीजिये  
हमारा समय बच जायेगा
पर जज साहब मुस्कुरा कर आदेश लिख वा ने लगे
और कहा अगली तारीख 23 अगस्त 2011 है
फिर दोहराया कि आप बेल करा सकते हो
अपील कर सकते हो
जुर्माना दे सकते हो
इससे पहले ये भी कहा था कि कानून कुछ भी ना करे ये भी हो सकता है         
और आवेदन वापस कर दिया
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

Release 1073 19.7.2011 की सुनवाई की तारीख


19.7.2011 को जज साहब बोले ये लो आप की जजमेंट
अपने आदमी को कहा साइन करा लो
आदमी ने जजमेंट ले ली और बोले यहां साइन कर दो
विसेर बोले जजमेंट दीजिये
उन्होंने जज साहब को देखा फिर जजमेंट दे दी
विसेर ने पूछा कितने पन्ने है बोले 10
विसेर ने साइन कर दिये
फिर 10 पन्ने गिने
विसेर ने जज साहब से कहा इस पर आपके साइन नही है
जज साहब अपने लडके से बोले एस डी कर दिया ना
लडका बोला हां
बोले तो ठीक है  
और हमे 29.7.2011 तारीख दी गई
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक 
श्याडो