बुधवार, 7 सितंबर 2011

Release 1098 उस आधार को सरल हिन्दी मे लिखित मे देने का कष्ट करें जो मीडिया को धरती, जीवन व लोकतंत्र की रक्षा के अभियान के प्रचार को करने के लिये बाध्य कर सके

पहचान
श्याडो
Shyawhdo
Shyam’s world help dedicate organize
श्री श्याम द्वारा निर्मित विश्व मे प्रत्येक असहाय की सहायता के लिये समर्पित समूह

काम
  1. धरती के केन्द्र से आकाश में चमकते अंतिम प्रकाश बिन्दु तक प्रत्येक मानव जीव जंतु प्राकृतिक सम्पदा की सेवा सुरक्षा करना
  2. अकाल मौत के मुँह मे जा रही धरती व धरती के जीवन की रक्षा करना
  3. 100% कानून शुद्ध करना
  4. 100% कानून लागू करना
  5. जन सेवकों को जन सेवा के लिये बाध्य करना


पता  एस बाईस पुल प्रहलाद पुर नई दिल्ली 110044 भारत 
वेब पता  http://Shyawhdo.blogspot.com   
ईमेल  shyawhdo@gmail.com
मोबाइल 9868247312

सेवा में,
      मुख्य प्रबन्धक महोदय,
      भारतीय केन्द्रीय कानून मंत्रालय,
      दिल्ली, भारत,  
     
और ईमेल द्वारा प्रतिलिपि प्राप्त करता: यूनाइटेड नेसन, ब्रिटिस काउंसेल, वाइट हाउस, लोक सभा पति, राज्य सभा पति, लोक सभा लीडर, लोक सभा सैक्रेटरी, भारत की सुप्रीम कोर्ट, निर्वाचन आयोग, भारतीय सूचना एवम प्रसारण मंत्रालय, दिल्ली की हाई कोर्ट, मुख्य मंत्री दिल्ली, सी.बी.आई., कमिस्नर दिल्ली पुलिस, श्री अण्णा हज़ारे, श्री रामदेव, श्री आसाराम बापू, श्री श्री रवि शंकर, टाइम्स ग्रुप, श्री मति किरण वेदी, अर्विन्द केजरीवाल, स्वामि अग्निवेश, प्रशांत भूषण, शांति भूषण, आइ बी एन 7, इंडिया टूडे, इंडिआ टीवी, जोइंट कमिस्नर पुलिस विजिलैंस, एग्ज़ीक्यूटिव डाईरैक्टर एम टी एन एल, सारदा गन, दिल्ली गन, स्टार न्यूज़, केन्द्रिय महालेखा अधिकारी,                                                   

विषय : उस आधार को सरल हिन्दी मे लिखित मे देने का कष्ट करें जो मीडिया को धरती, जीवन व लोकतंत्र की रक्षा के अभियान के प्रचार को करने के लिये बाध्य कर सके













हमारी धरती स्तर पर मान्यता के सबूत
  1. धरती का सबसे विशाल और निडर देश अमेरिका के राष्ट्रपति वराक ओबामा जी का हमारे लिये सन्देश भेजना धरती पर हमारी मान्यता को दर्शाता है, उनके हम को करीब 13 मेल प्राप्त हुये है, जिसमे उन्होंने हमको अपने से बात करने और इस मुद्दे को खतम करने के लिये प्रस्ताव भेजे है, जिसमे अंतिम मेल जो कि 1.9.2011 को आया है, जिसे देखने के लिये हमारी रिलीज़ 1097 देखे और हमारी धरती स्तर की मान्यता को जाने, इसके अलावा इन 13 मेलों (सन्देशों) मे हमे हजारों करोडों के उपहार देने के भी प्रस्ताव भेजे गये है, जिन्हे हमने अस्वीकार कर दिया है    

  1. ब्रिटेन की तरफ से अब तक करीब 5 मेलों (सन्देशों) द्वारा करीब 50 लाख हजार करोड़ रुपये उपहार मे देने के लिये प्रस्ताव आये है, जो हमे हमारे अभियान को रोकने की बोली के सिवाय कुछ नही लगते,

  1. भारत मे जनता पार्टी के डा. सुब्रमण्यम स्वामी जी ने करीब 420 एम पी और 4042 एम एल ए को हमसे खरीदने का प्रस्ताव भी भेजा है, जिसका जबाब भी हमने ना करके दिया है

  1. हमारी धरती स्तर की मान्यता के विषय मे जानने के लिये धरती की सबसे बडी मीडिया गूगल, फेस बुक, विकिपीडिया, ट्वीटर, और ब्लोग स्पोट हमारे विषय मे क्या प्रचार कर रहे हैं  यह जानने के लिये shyawhdoinformation, shyawhdo, pohinin, ssnin शब्दों द्वारा खोज करें और धरती स्तर पर हमारे समर्थकओं, विरोधियों और हमारी सरल और निष्कलंक जीवनशैली को देखें समझें और हमारी मान्यता को जाँचे, फिर धरती, जीवन और मानव आज़ादी को ध्यान मे रख कर स्वतंत्रता पूर्वक फैसला लें                   

हमारे जीवन काल की अहमियत
हमारी उम्र के हिसाब से यदि हम 100 वर्ष तक जिये तो आराम और दिनचर्या का समय निकालने के बाद हमारे जीवन के करीब 25 साल ही बचते है
इन 25 सालों मे हमे नीचे लिखे काम पूरे करने है
 
  1. अकाल मौत के मुँह मे धकेली जा रही धरती व धरती के जीवन को मौत के मुँह मे जाने से रोकना
  2. धरती पर “विश्व स्तरीय समान निश्चिंत आध्यात्मिक स्वर्गीय व्यवस्था” लागू करना
तो आप समझ चुके होंगे कि यदि अस्तित्व मे सबसे कीमती किसी का समय है
तो वह हमारा है
सबसे ऊँचा पद किसी का है
तो वो भी हमारा है
इस लिये हमे उम्मीद है कि आप हमारे जीवन काल का पूरा खयाल रखेंगे
जो सही मायने मे धरती के जीवन काल और मानव के अस्तित्व के जीवन काल का खयाल होगा    










शब्द और शब्दों के सरल भावार्थ 

आधार = कानून, नोटिफिकेसन, सर्कुलर, ओर्डिनेंन्स, गाइड लाइन, नियम, शर्त, आदेश, प्रथा, अहम व्यक्ति की सोच व यदि कोई अन्य प्रक्रिया व प्रावधान हो, तो उसका नाम, कोड, लागू करने की तारीख, उससे सम्बन्धित प्रावधान, प्रक्रिया व किये जा चुके निर्णय (एस सी सी)
जिसे माननीय न्यायालय अस्वीकार ना कर सके        

सरल हिंदी = आम इंसान की समझ मे आने वाली हिन्दी बोली   

लिखित = जिसे माननीय न्यायालय, संसद व यूनाइटेड नेसन स्वीकार करता हो  

मीडिया = जो समूह धरती पर प्रचार करने के लिये सरकारों के कानूनों के तहत पंजीकृत हों,
         व सरकारों से जनता की सम्पत्ति (ज़मीन, भवन, धन, निवास, मशीन, सुविधायें व
         अन्य सहायतायें) प्राप्त कर चुके हों     
धरती = जिस जगह जीवन हो 

जीवन = ईश्वर के तत्वों के निश्चित समय व अनुपात मे क्रिया शील हो कर जन्मा शरीर जो ईश्वर के तत्वों के सही अनुपात के बिगडने पर व समाप्त होने पर पुनः मर जाता है, इस बीच के समय मे ईश्वर इस शरीर मे प्राण और डाल देते है, प्राण के शरीर के साथ मिलते ही चेतना का जन्म होने लगता है, शरीर प्राण और चेतना सम्पूर्ण जीव को जन्म देता है, जीव के जन्म से मौत के बीच के समय को जीवन कहते है     

लोकतंत्र, मानव और कानून = अकल्पनीय प्रजातियों मे एक प्रजाति ने घोर तपस्या कर ईश्वर को प्रसन्न कर अकल्पनीय प्रजाति की समानता, निष्पक्षता, निडरता, श्रद्धा से सेवा सुरक्षा करने के लिये ताकत बुद्धि का वरदान माँगा ईश्वर को यह काम किसी ना किसी को माध्यम बना कर खुद करना ही था, ईश्वर ने यह काम जिस प्रजाति को माध्यम बना कर दिया वह प्रजाति मानव कहलाई, मानव का मतलब था मान+व मान का मतलन सम्मान व का मतलब वह यानी अन्य, अंजान, यानी जो अंजान को मान देगा ध्यान रखेगा वह मानव कहलाया, मानव ने राजा बन कर सभी प्रजातियों को मान सम्मान सेवा सुरक्षा दी, राजा जिन नियमों के तहत सभी प्रजातियों को सम्मान व समानता के साथ सेवा सुरक्षा और कर्तव्य देता था, उन नियमों के संग्रह को राजतंत्र कहते थे, पर अपने करम को पूरा ना कर पाने के कारण ऐस की बीमारी ने अस्तित्व को अपनी चपेट मे ले लिया, फिर राजा की जगह लोक यानी समूहों ने समानता, निष्पक्षता, निडरता, श्रद्धा, के साथ अस्तित्व मे जन्मी सभी प्रजातियों की सेवा सुरक्षा का भार अपने ऊपर ले लिया, लोक तंत्र की खासियत ये थी कि एक दरिद्र भी बडे जन सेवक पर आरोप लगा कर जन सेवक को जबाब देने के लिये बाध्य कर सकता था, जन सेवक का हिसाब जांच सकता था. अपराधी जन सेवक को दंडित करवा सकता था, इन्ही नियमों उदाहरणों का तिथि सहित संग्रह लोक तंत्र का कानून कहलाया                   

रक्षा = ईश्वरीय वरदान, राज तंत्र व लोक तंत्र के कानून के तहत न्याय, सेवा, सुरक्षा देने का
      मतलब रक्षा करना था

मानवीयता = अन्य, परायों, अपराधियों को मान देने के संसकार, दूसरे के लिये काम करना
           जान देना, बिना अपने स्वार्थ के, जो कानून से उंचा स्थान रखते है, जो
           अपराधी को माफ करने की महानता भी रखते है, ऐसे ही महानता के कामों के
           उदाहरण, कामों के आधारों का संग्रह,  मानवीयता कहलाती है        




महोदय,
        आपसे विनम्र प्रार्थना है कि उस आधार को सरल हिन्दी मे लिखित मे देने का कष्ट करें जो मीडिया को धरती, जीवन व लोकतंत्र की रक्षा के अभियान के प्रचार को करने के लिये बाध्य कर सके

पहला चरण  
यदि आप जबाब ना देने का फैसला कर चुके है
तो जबाब ना देने का आधार, सरल, लिखित, मे देने का कष्ट करें

दूसरा चरण  
यदि आप ने पहले चरण का भी जबाब ना देने का फैसला कर लिया है
तो सभी मांगों को आर टी आई कानून 2005 के तहत आपातकालीन मैटर के तहत
प्राप्ति, आपकी धन की माँग़, व हमारी माँगों के जबाब हमे 3 दिनों मे भेजने का कष्ट करें

तीसरा चरण
यदि आप दूसरे चरण का भी जबाब ना देने या किसी और के पास भेजने या बेअसर जबाब देने या कठिन शब्दों का जबाब या ना समझ मे आने वाला जबाब देने का फैसला ले चुके हैं
तो सिद्ध हो जाता है
कि आप ने अपने कर्तव्यों का पालन ना करके
मानवता द्रोह, भू द्रोह, व देश द्रोह किया है
जिसके लिये आपको माननीय न्यायालय के सामने शपथ सहित जबाब देना होगा

चौथा चरण
यदि आप ये सोच रहे है कि सभी अधिकारी और जज तो हमारे आदमी है गलत कानून (खामोशी, विलम्ब, बेअसर जबाब, व गुमाना) का सहारा ले कर ऐस करते रहेंगे, तो आप का अनुभव सही कह रहा है, पर हम आप लोगों की कर्तव्य हीनता के कारण हो रही धरती, जीवन व लोकतंत्र की हत्या को रोकने के लिये धरती वासियों के जीवन काल की हत्या नही होने देंगे,   

पांचवा चरण
यदि चौथे चरण के तहत भी आप ने हमारी धरती जीवन व लोक तंत्र की रक्षा करने की कानूनी मांगों को नही माना तो यह मामला संसद मे पेस किया जायेगा यदि आप यह सोच रहे है कि संसद तो इसे किसी भी बचाव करने वाले गलत कानून के आधार पर रद्द कर देगी तो आप का अनुभव सही कह रहा है पर हम धरती, जीवन व लोकतंत्र की हो रही हत्या को रोकने के लिये आपके गलत प्रावधान के तहत इंतज़ार नही करेंगे

छठा चरण
यदि अभी भी आप हमारी सही माँग को पूरा करने में असफल रहते हैं तो यह मामला यूनाइटेड नेसन की सभा मे जायेगा, यदि आप को लग रहा है कि इससे भी आपको कोई फर्क नही पडता तो आप सही सोच रहे हैं, पर हम जन सेवकों को यह कहने का मौका नही देना चाहते कि धरती वासियों ने समान, क्रमिक, विधिक, व्यवहारिक, न्यायिक, मानवीय, कार्यवाही नही की,










सातवाँ चरण
धरती वासियों ने, धरती, जीवन व लोकतंत्र की रक्षा के कर्तव्य को पूरा कराने के बदले जन सेवकों के समूह को धन, सम्पत्ति, सम्मान, उपहार, व अधिकार, वोट समझौते के तहत दिये,
पर जन सेवकों मे ऐश करने की आदत पड गई, जिसके कारण धरती, जीवन व लोकतंत्र करीब 95% घायल हो कर अकाल मौत के दरवाजे तक पहुंच गये, तब ईश्वर ने पुनः धरती वासियों को माध्यम बना कर रक्षा करने का फैसला ले लिया, और घोषणा कर दी, कि जन सेवक वोट का समझौता कायम रखने मे असफल रहे है, इस लिये समझौता फेल हो चुका है, क्यों कि समझौता फेल हो चुका है, इस लिये धरती वासी अब वोट समझौते के तहत जन सेवकों को धन, सम्पत्ति, सम्मान, उपहार, देने के लिये मजबूर नही हैं, व जन सेवकों के अधिकारों के तहत आदेश मानने को विवश नही है, व आत्म सुरक्षा के लिये हर कार्यवाही के लिये स्वतंत्र है, व जन सेवकों को समझौते के तोडने के बदले कार्यवाही व दंडित करने
व मानवीयता के तहत माफ करने का अधिकार रखते हैं
यदि आपने अभी भी हमारी माँगों को अस्वीकार किया तो
धरती वासियों के पास ईश्वर का आदेश लागू करने के सिवाय कोई मार्ग नही बचेगा
     

आठवाँ चरण
यदि अभी भी आप धरती वासियों की मांग को नही देना चाहते तो
धरती वासी विशाल सैलाब के रूप मे एकत्रित होकर
पहले भारत मे फिर धरती पर
धरती वासियों का “विधाता की विधि का विधान” लागू कर देंगे
केवल धरती वासी उन्ही जन सेवकों को अपना सकेंगे   
जो परमात्मा के संकेतों के आधार के आदेश पर प्रकट हुये
“विधाता के विधि के विधान” को श्रद्धा सहित स्वीकार करेगा
बाकी जन सेवकों से प्रार्थना है
कि वह अपनी शंका दूर करने के लिये
लाइव टैलीकास्ट पर अपने सवाल, जबाब, विचार, बात चीत करें
और धरती वासियों का बहुमत प्राप्त करें
यदि ना कर सके तो “विधाता के विधि के विधान” को स्वीकार करें   
या युद्ध मे धरती वासियों को हरा दें

आज हर बुद्धिजीवी पीडित धरती वासी सिर्फ हमारे इशारे का इंतजार कर रहा है
पर हमे अपनी जिम्मेदारियों का एहसास है
 
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो



   
    
          


         
           

          
  

सोमवार, 5 सितंबर 2011

Release 1094 श्याडो की धरती की मीडिया से जन हित के प्रचार को करने की प्रार्थना

पहचान
श्याडो
Shyawhdo
Shyam’s world help dedicate organize
श्री श्याम द्वारा निर्मित विश्व मे प्रत्येक असहाय की सहायता के लिये समर्पित समूह

काम
  1. धरती के केन्द्र से आकाश में चमकते अंतिम प्रकाश बिन्दु तक प्रत्येक मानव जीव जंतु प्राकृतिक सम्पदा की सेवा सुरक्षा करना
  2. अकाल मौत के मुँह मे जा रही धरती व धरती के जीवन की रक्षा करना
  3. 100% कानून शुद्ध करना
  4. 100% कानून लागू करना
  5. जन सेवकों को जन सेवा के लिये बाध्य करना

नारा
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

पता  एस बाईस पुल प्रहलाद पुर नई दिल्ली 110044 भारत 
वेब पता  http://Shyawhdo.blogspot.com   
ईमेल  shyawhdo@gmail.com
मोबाइल 9868247312

सेवा में,
      मुख्य प्रबन्धक महोदय
      टाइम्स ग्रुप दरिया गंज
     
और ईमेल द्वारा प्रतिलिपि प्राप्त करता: यूनाइटेड नेसन, ब्रिटिस काउंसेल, वाइट हाउस, लोक सभा पति, राज्य सभा पति, लोक सभा लीडर, लोक सभा सैक्रेटरी, भारत की सुप्रीम कोर्ट, निर्वाचन आयोग, भारतीय सूचना एवम प्रसारण मंत्रालय, दिल्ली की हाई कोर्ट, मुख्य मंत्री दिल्ली, सी.बी.आई., कमिस्नर दिल्ली पुलिस, श्री अण्णा हज़ारे, श्री रामदेव, श्री आशाराम बापू, श्री रवि शंकर, टाइम्स ग्रुप, श्री मति किरण वेदी, अर्विन्द केजरीवाल, स्वामि अग्निवेश, प्रशांत भूषण, शांति भूषण, आइ बी एन 7, इंडिया टूडे, इंडिआ टीवी, जोइंट कमिस्नर पुलिस विजिलैंस, एग्ज़ीक्यूटिव डाईरैक्टर एम टी एन एल, सारदा गन, दिल्ली गन, स्टार न्यूज़,                                                 

विषय : कृपया धरती वासियों का यह सन्देश आपके सभी प्रचार साधनों जिसमे (न्यूज़ पेपर, पत्रिकायें, ब्रॉडकास्ट टेलीकास्ट, इंटरनेट) सामिल है के द्वारा धरती वासियों तक पहुँचाने का कष्ट करें,

हमारी धरती स्तर पर मान्यता के सबूत
  1. धरती का सबसे विशाल और निडर देश अमेरिका के राष्ट्रपति वराक ओबामा जी का हमारे लिये सन्देश भेजना धरती पर हमारी मान्यता को दर्शाता है, उनके हम को करीब 13 मेल प्राप्त हुये है, जिसमे उन्होंने हमको अपने से बात करने और इस मुद्दे को खतम करने के लिये प्रस्ताव भेजे है, जिसमे अंतिम मेल जो कि 1.9.2011 को आया है, जिसे देखने के लिये हमारी रिलीज़ 1097 देखे और हमारी धरती स्तर की मान्यता को जाने, इसके अलावा इन 13 मेलों (सन्देशों) मे हमे हजारों करोडों के उपहार देने के भी प्रस्ताव भेजे गये है, जिन्हे हमने अस्वीकार कर दिया है    

  1. ब्रिटेन की तरफ से अब तक करीब 5 मेलों (सन्देशों) द्वारा करीब 50 लाख हजार करोड़ रुपये उपहार मे देने के लिये प्रस्ताव आये है, जो हमे हमारे अभियान को रोकने की बोली के सिवाय कुछ नही लगते,

  1. भारत मे जनता पार्टी के डा. सुब्रमण्यम स्वामी जी ने करीब 420 एम पी और 4042 एम एल ए को हमसे खरीदने का प्रस्ताव भी भेजा है, जिसका जबाब भी हमने ना करके दिया है

  1. हमारी धरती स्तर की मान्यता के विषय मे जानने के लिये धरती की सबसे बडी मीडिया गूगल, फेस बुक, विकिपीडिया, ट्वीटर, और ब्लोग स्पोट हमारे विषय मे क्या प्रचार कर रहे हैं  यह जानने के लिये shyawhdoinformation, shyawhdo, pohinin, ssnin शब्दों द्वारा खोज करें और धरती स्तर पर हमारे समर्थकओं, विरोधियों और हमारी सरल और निष्कलंक जीवनशैली को देखें समझें और हमारी मान्यता को जाँचे, फिर धरती, जीवन और मानव आज़ादी को ध्यान मे रख कर स्वतंत्रता पूर्वक फैसला लें                   


हमारे जीवन काल की अहमियत
हमारी उम्र के हिसाब से यदि हम 100 वर्ष तक जिये तो आराम और दिनचर्या का समय निकालने के बाद हमारे जीवन के करीब 25 साल ही बचते है
इन 25 सालों मे हमे नीचे लिखे काम पूरे करने है
 
  1. अकाल मौत के मुँह मे धकेली जा रही धरती व धरती के जीवन को मौत के मुँह मे जाने से रोकना
  2. धरती पर “विश्व स्तरीय समान निश्चिंत आध्यात्मिक स्वर्गीय व्यवस्था” लागू करना
तो आप समझ चुके होंगे कि यदि अस्तित्व मे सबसे कीमती किसी का समय है
तो वह हमारा है
सबसे ऊँचा पद किसी का है
तो वो भी हमारा है
इस लिये हमे उम्मीद है कि आप हमारे जीवन काल का पूरा खयाल रखेंगे
जो सही मायने मे धरती के जीवन काल और मानव के अस्तित्व के जीवन काल का खयाल होगा    
     
विवरण
कृपया धरती वासियों का यह सन्देश आपके सभी प्रचार साधनों जिसमे (न्यूज़ पेपर, पत्रिकायें, ब्रॉडकास्ट, इंटरनेट) सामिल है के द्वारा धरती वासियों तक पहुँचाने का कष्ट करें,
      
श्याडो ने धरती की सरकारों से कहा
कि 3 दिनों मे भारत और 30 दिनों मे धरती की हर समस्या का 100% जड सहित समाधान करके रहेंगे 
सिद्ध करो कि आज लोक तंत्र है लूट तंत्र नही
धरती की सरकारों ने उपहारों के प्रस्तावों को भेजना शुरू कर दिया
जो हमने अस्वीकार कर दिये
हमारा काम
धरती के केन्द्र से आकाश में चमकते अंतिम प्रकाश बिन्दु तक प्रत्येक मानव जीव जंतु प्राकृतिक सम्पदा की सेवा सुरक्षा करना
अकाल मौत के मुँह मे धकेली जा रही धरती व धरती के जीवन की रक्षा करना
100% कानून शुद्ध करना
100% कानून लागू करना
जन सेवकों को जन सेवा के लिये बाध्य करना
जबाब दें
क्या आप धरती पर 
सरकार के भेद भावी मौत के राज की जगह
जनता का समान जीवन राज चाहते हो
यदि हां तो 9013727047 पर मिस काल दें
अगला कदम एस एम एस द्वारा शीघ्र आपको उपलब्ध कराया जायेगा     
Shyawhdo
Shyam’s world help dedicate organize
श्री श्याम द्वारा निर्मित विश्व मे प्रत्येक असहाय की सहायता के लिये समर्पित समूह
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो
एस बाईस पुल प्रहलाद पुर नई दिल्ली 110044 भारत 

पहला विकल्प
यदि आप इस प्रचार को ना करने का फैसला ले चुके हैं
तो हमारे अगले चरण के तहत
हमे वह कारण कानून सहित लिखित मे देने का कष्ट करें जो माननीय न्यायालय में मान्य हो

दूसरा विकल्प
यदि आप इस जबाब को भी ना देने का निर्णय ले चुके है तो
इस माँग को साधारण माँग से आर टी आई अधिनियम 2005 के तहत बदल कर तुरंत (अर्जेन्ट) मांगा जाता है,
कृपया एक दिन मे, प्राप्ति, हमारे द्वारा आपको दिये जाने वाले खर्च की राशि, और जबाब देने का कष्ट करें,

तीसरा विकल्प
यदि आप इस माँग को भी रद्द करने का निर्णय ले चुके है
तो कानूनी नोटिस के तहत आपको सूचित किया जाता है
कि आपने जनहित सन्देशों का प्रचार करने का वादा तोड कर देश द्रोह किया है
यदि नही तो जबाब दें कि ऐसा किन आधारों पर क्यों ना समझा जाये
कृपया तीन दिनों मे जबाब दें ताकि माननीय न्यायालय के समक्ष जबाब देने से आप बच सकें,

चौथा विकल्प
यदि आप इस सूचना को भी रद्द करने का फैसला ले चुके हैं तो
यह सिद्ध हो जायेगा कि आपको माननीय न्यायालय के मान का खयाल नही है
जो माननीय न्यायालय के अपमान का साक्षी होगा
जिसके लिये आप को माननीय न्यायालय को जबाब देना होगा
आपको यह सत्य स्वीकार करना ही होगा कि सर्व हित करने वाले को सर्व नाश करने वाला कभी नही हरा सकता,
क्यों कि धरती पर करीब सौ करोड़ के अनुपात मे सिर्फ एक सर्व नाशी मौजूद है
और हम दीवाने जानते है कि वह अपने हितों का खयाल सदैव रखेगा 

आपकी सोच
यदि आप ऐसा सोच रहे है कि जब तक हम कानून नही बतायेंगे तब तक आप अपनी खामोशी नही छोडेंगे तो आप गलत है
क्यों कि आप जन हित की खबरों का प्रचार करने के लिये पंजीकरण व जन निधि प्राप्त करते समय नियम व शर्तों के तहत जन हित के प्रचार के लिये अपने को बाध्य कर चुके है
और जन हित की खबर देने वाला इश कानून, नियम, शर्त को जानता ही हो तभी आप जन हित प्रचार करेंगे
ऐसा ना तो किसी कानून मे लिखा है ना किसे नियम व शर्त मे, और यदि कही लिखा है तो वह अवैध है
और इस बात के सबूत आपके द्वारा देश भक्तों के जन सैलाब को छाप कर दिये जा चुके है
यह जन सैलाब ना तो इन कानूनों को जानता था, ना इन्होंने अपने को छापने के लिये आपको आवेदन और धन दिया था, क्यों की ये इनका अधिकार और आपका कर्तव्य था, इस लिये आपने छापा था, यहां हम अण्णा, अर्विन्द और मनीश की गिरफ्तारी के बाद रोड पर आये जन सैलाब की बात कर रहे हैं, यदि आपके प्रबन्धक की जानकारी मे जन हित प्रचार की मांग सही है, कानूनन है, तो प्रचार करना आपका कर्तव्य है,
आप इश तर्क से प्रचार करने के लिये मना नही कर सकते
कि पीडित जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला पंजीकृत नही है,
उसने हमे कानून नही बताया,
इश लिये हम अपने पंजी करण व जन निधि लेने के तहत नियम व शर्तों का उलंघन करने के लिये आज़ाद है  
जब हम कानून बताने के लिये विशेषज्ञों से सलाह लेंगे माननीय न्यायालय से आदेश दिलायेंगे तो खर्च आप से हर्जाने के रूप मे लेने के अधिकारी भी बन जायेंगे
इस लिये आपका यह सत्य समझना जरूरी है
कि धरती की जिन दुर्भाग्य पूर्ण दशा मे पीडित धरती वासियों ने यह माँग की है
इस दुर्भाग्य पूर्ण दशा मे यहां नियम, शर्त, कानून और प्रक्रिया पीडित धरती वासियों के मूल अधिकारों को नही छीन सकती
यह विश्व और भारत का संविधान कहता है
इस लिये आप को धरती वासियों के हित के लिये धरती वासियों का साथ देना ही होगा

सलाह
आपको अपने को दोषी होने से बचाना चाहिये
सही और गलत का चुन कर अलग करने मे हम समर्थ है
अपमान और दर्द सहन करना हमारे धरती व जीवन प्रेम की क्वालिटी का करना पैमाना है
मौत और कैद हमारे गहने हैं
सही की स्थापना के हम दीवाने है

जिद्द
इंटरनेट पर यू ट्यूब पर shyawhdo channel पर 12 वीडियो है उनको सुनो देखो और हमारी जिद्द को देखो


प्रार्थना    
इस लिये आपसे अति विनम्र निवेदन है कि अपने कर्तव्यों का लोकतंत्र के तहत निडरता, निष्पक्षता,समानता व श्रद्धा से पालन करें व धरती वासियों धरती और जीवन की रक्षा के अभियान के संदेशों को धरती वासियों तक पहुंचा दें
और अपने को मानवता द्रोही, भू द्रोही, व देश द्रोही के आरोपों से बचा लें
   

   






      
    
  

 

  
   
     

 
   

शनिवार, 3 सितंबर 2011

Release 1097 प्रैज़ीडैंट बाराक ओबमा जी के वरिष्ठ सलाहकार डेविड प्लोफ ने अपना सहयोग देने के लिये इशारा करते हुये श्याडो के समक्ष अमेरिका वाइट हाउस वोसिंग्टन की तरफ से अपना प्रस्ताव पेस किया

 InboxX

 Reply |David Plouffe, The White House info@messages.whitehouse.gov via service.govdelivery.com to me
show details Sep 1 (3 days ago)

fromDavid Plouffe, The White House info@messages.whitehouse.gov via service.govdelivery.com
reply-to"David Plouffe, The White House" <info@messages.whitehouse.gov>

to shyawhdo@gmail.com

date Thu, Sep 1, 2011 at 4:36 AM
subject Video: Something big
mailed-byservice.govdelivery.com
Important mainly because it was sent directly to you.

hide details Sep 1 (3 days ago)

Good morning,
We're about to change the way Americans engage with President Obama and his Administration by launching a new way for you to join with fellow Americans to petition the federal government on a range of issues.
It's called We the People and you can learn more about it, and sign up to be the first to know when it's live here:

President Obama believes that government should be open and accountable to its citizens, and that's the goal of We the People. This online platform gives Americans a direct line to the White House on the issues and concerns that matter most to them.
Soon, anyone will be able to create or sign a petition at WhiteHouse.gov seeking action from the federal government on a range of issues. If a petition gathers enough signatures, the White House staff will review it, make sure it gets to Obama Administration policy experts, and issue an official response. President Obama will even answer a few himself.
While this is a big change for the White House's website, the idea is actually written into our founding documents. Throughout our history, Americans have used petitions to organize around issues they care about. We the People gives you a new way to join together with others to ask your government to address a problem, change a policy, or take action on a range of issues.
We the People will be launching very soon so start thinking about the issues that matter to you and the people you'll ask to join you.
We're looking forward to hearing from you.
Sincerely,
David Plouffe
Senior Advisor to the President
P.S. Help us spread the word about this new tool by forwarding this email to ten friends. And remember, if you want to learn more about We the People and be the first to know when it is live, head to http://www.WhiteHouse.gov/WeThePeople

This email was sent to shyawhdo@gmail.com.
Unsubscribe shyawhdo@gmail.com | Privacy Policy
Please do not reply to this email. Contact the White House

The White House •
1600 Pennsylvania Ave NW
• Washington, DC 20500 • 202-456-1111

Reply Forward

David Plouffe, The White House Loading...Sep 1 (3 days ago)

HSBC International - Moving Abroad? HSBC Offers ExpertADAdvice on Adjusting to Life Abroad.
Offshore.HSBC.com/Expat-Experts Ads
Jobs at UTI Bank.
Huge Demand in Banking Sector. Submit Your Resume Free. Now!
MonsterIndia.com
Get 81Lac Pension not 50L
Be Smart Not an Ullu. Compare & Get Best Investment Deals @PolicyBazaar
PolicyBazaar.com/Pension-Plan
More about...
Bank Account »

Bank Internet »

Bank Hours »

Claims Settlement »

About these links
Back to Inbox Archive Report spam Delete     Move to  Labels  More actions ‹ Newer 5 of 327 Older ›

0% full
Using 16 MB of your 7622 MB ©2011 Google - Terms & Privacy
Disable buzzLast account activity: 51 minutes ago
Details

सुप्रभात,
हम कर रहे हैं के बारे में जिस तरह से अमेरिकियों आप साथी अमेरिकियों के साथ शामिल होने के लिए मुद्दों की एक सीमा पर संघीय सरकार की याचिका के लिए नया तरीका शुरू करने से राष्ट्रपति ओबामा और उनके प्रशासन के साथ संलग्न बदल.
यह हम लोग कहा जाता है और आप इसके बारे में और अधिक जानने के लिए
, कर सकते हैं और साइन अप को पता है कि जब यह जीना यहाँ पहली:

राष्ट्रपति ओबामा का मानना ​​है कि सरकार खुले और अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए
, और है कि हम लोग का लक्ष्य है. इस ऑनलाइन मंच अमेरिकियों मुद्दों और चिंताओं है कि उन्हें सबसे बात पर व्हाइट हाउस के लिए एक सीधी रेखा देता है.
जल्द ही
, किसी को भी बनाने या WhiteHouse.gov मुद्दों की एक सीमा पर संघीय सरकार से कार्रवाई की मांग पर एक याचिका पर हस्ताक्षर करने में सक्षम हो जाएगा. यदि एक याचिका पर्याप्त हस्ताक्षर इकट्ठा, व्हाइट हाउस स्टाफ की समीक्षा करें, सुनिश्चित करें कि यह ओबामा प्रशासन की नीति के विशेषज्ञों के लिए हो जाता है, और एक आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी है. राष्ट्रपति ओबामा भी कुछ खुद को जवाब देना होगा.
हालांकि यह व्हाइट हाउस की वेबसाइट के लिए एक बड़ा परिवर्तन है
, विचार वास्तव में हमारे संस्थापक दस्तावेजों में लिखा है. हमारे इतिहास के दौरान, अमेरिकियों याचिकाओं का इस्तेमाल किया है मुद्दों है, वे देखभाल के बारे चारों ओर आयोजित. हम लोग दूसरों के साथ मिलकर में शामिल होने के लिए आपकी सरकार पूछने के लिए एक समस्या का समाधान आप एक नया तरीका देता है, एक नीति को बदलने के लिए, या मुद्दों की एक श्रृंखला पर कार्रवाई.
हम लोग बहुत जल्द ही शुरू हो जाएगा तो मुद्दों के बारे में सोच रही है कि तुम और लोगों को बात आप के लिए आप में शामिल पूछूँगी शुरू.
हम आगे तुम से सुनवाई के लिए देख रहे हैं.
निष्ठा से
,
दाऊद
Plouffe
राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार
अनुलेख मदद हमें दस दोस्तों के लिए इस ईमेल अग्रेषण के द्वारा इस नए उपकरण के बारे में इस शब्द का प्रसार. और याद रखना
, अगर आप हम लोगों के बारे में अधिक जानने के लिए और पता है कि जब यह जीना है, http://www.WhiteHouse.gov/WeThePeople के लिए सिर करना चाहता हूँ

Release 1095 विधाता की विधि का विधान

Release 1092 तो धरती वासियों को यह काम करने ही होगें

  1. Release 1092 तो धरती वासियों को यह काम करने ही होगें
  2. जनता द्वारा प्रचारकों को सुरक्षा ना दे पाने के कारण  
  3. प्रचारक सही प्रचार ना कर पाने को मजबूर हो गये     
  4. जिसके कारण जनता अज्ञानी
  5. अज्ञानी से नास्तिक
  6. और नास्तिक से खुद गर्ज़ हो गई
  7. जिसके कारण बेबस लोगों की दुर्दशा होने लगी
  8. जिसके कारण बेबस लोगों को अपनी रक्षा के लिये धोखे का सहारा लेना पडा
  9. और इसी धोखे के कारण बेबसों ने गलत व्यवस्था को लागू कर दिया    
  10. इस गलत व्यवस्था के कारण जनता और बेबस लोगों के बीच युद्ध होता रहा
  11. इस धोखे की व्यवस्था के कारण असंख्य जनता को आत्म सुरक्षा, जीविका और सम्मान के लिये गलत व्यवस्था का नौकरी के नाम पर गुलाम होना पडा
  12. जिसने गुलामी स्वीकार नही की उस पर धोखे की व्यवस्था ने आरोप सिद्ध  करके प्रताडित, कैद और हत्या कर दी 
  13. यह युगों से चलता आया है और तब तक चलता रहेगा
  14. जब तक अस्तित्व में “विधाता की विधि का विधान” यानी जनता की व्यवस्था पुनः लागू ना हो जाये
  15. तो यदि आप अपने को निःशुल्क, अधिकार सहित इश नरक से निकालना चाहते हैं
  16. यदि समानता के साथ जीवन के हर मधुर भोग को निःशुल्क, अधिका  सहित भोगना चाहते हैं
  17. यदि निःशुल्क, अधिकार सहित समानता के साथ मौजूद व्यवस्था के तहत अपनी आज़ादी चाहते है
  18. यदि निःशुल्क, अधिकार सहित अपने और अपनों को नारकीय जीवन शैली की जगह स्वर्गीय जीवन शैली देना चाहते है
  19. तो धरती वासियों को यह काम करने ही होगें      
A. जनता की रक्षा करने वालों से जनता की सुरक्षा की भीख माँगना, उनको समानता
   के साथ सम्मान, जीविका, सामान, सुविधायें उपहार व अधिकार देना,   
B. प्रचारकों को प्रचार के लिये सम्मान, जीविका, सुरक्षा, सामान, सुविधायें व अधिकार
   देना
C. धोखे की व्यवस्था की जगह “विधाता की विधि का विधान” लागू करना 
D. धोखे की व्यवस्था के द्वारा आरोपित किये जा चुके सभी स्वाभिमान धारकों यानी
   आरोपियों को आज़ाद कराना
E. अपने को धरतीवासी मानना, अपने आप को ईश्वर का अंश मानना
   अपनी परम शक्ति का सत्य की स्थापना के लिये इस्तेमाल करना, ये
    ज्ञान ही हमारे पवित्र ग्रंथों मे सोsहम् के नाम से जाना जाता है सोsहम्
      की परमशक्ती का सामना ना तो इतिहास मे कोई असत्ययी कर सका है  
    ना भविष्य मे कर सकेगा, यह तो वह ज्ञानप्रकाश है जो हर जीवित के  
    मस्तिस्क मे सदैव प्रज्वलित रहता है जब युगों बाद पुनः सही की स्थापना का काल
    आता है तो लावा की तरह गलत को भस्म करके ही ठंडा होता है और फिर से सत्य
    के युग को जनम देता है जिसे पवित्र ग्रंथों मे सत्युग के नाम से जाना जाता है हर
    युग में ईश्वर के सभी अवतार और उनके द्वारा सत्य की स्थापना प्रमाण है मानने  
    वाला ही स्वर्ग भोगेगा संका करने वाला अकेलापन और दरिद्रता     
  1. जय धरती जय मानवता
  2. विश्व सेवक व रक्षक
  3. श्याडो