शुक्रवार, 23 सितंबर 2011
Release 1114 धरती पर सरकारी लुटेरों को अपने षड्यंत्र बन्द करने ही होगें
Release 1114
22.9.2011
Wednesday
10.10 am
Base NBT , page no.16 , obaamaa ne bhaarteey gaanvon ko saraahaa,
धरती पर सरकारी लुटेरों को अपने षड्यंत्र बन्द करने ही होगें
या धरती वासियों से बसूली और सौदों के अधिकार त्याग कर आम इंसान की तरह काम करके ही जीवन व्यतीत करना होगा
श्री ओबामा जी ने सन्देश दिया कि वह धरती पर आम नागरिकों की समस्या का समाधान कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि वह सीधा शिकायत ले ने के लिये व्यवस्था बना रहे है
श्याडो उंसे पूछ ता है क्या धरती के सिकायत निवारण केन्द्रों ने यूनैटेद नेसन को समस्या के सन्देश देना बन्द कर दिये हैं?
या आपका उन पर नियंत्रण खतम हो गया है?
धरती की ऐसी कौंसी समस्या है जिसकी आपको जांकारी नही है?
पर समस्या देना तो आपकी बसूली का पहला चरण है
फिर समाधान देना दूसरा चरण
फिर समाधान के लिये बसूली करना तीसरा
फिर सुरक्षा का वास्ता दे कर सरकारी धन का हिसाब छुपाना चौथा
फिर उस हिसाब मे से चोरी करना पांचवां
और उस चोरी से हत्यारे पालना छटा
और बिना काम किये ऐश करना सातवां
क्या लुटेरा अपने शिकार को छोड सकता है?
यदि आप धरती वासियों के सेवक और रक्षक है
तो आपको धरती वासियों की चाहत को स्वीकार करना ही होगा
और धरती वासियों के धरती के कानून लो स्वीकार करना होगा
जिसका नाम है विधाता की विधि का विधान
आपने जो सन्देश दिया है वह झूठ है
सबूत श्री ओबामा जी ने जन हित की बात जन से छुपा कर करने की कोशिश की,
यह जन द्रोह है
अगर हम गलत हैं
तो आओ लाइव टैली कास्ट पर करो धरती वासियों के सामने बहस
और करने दो धरती वासियों को फैसला की हमारा आरोप सही है या गलत
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो शनिवार, 17 सितंबर 2011
Release 1113 एस चार बार, श्याडो छात्रों के सेमेस्टर पाठ्यक्रम (श्याडो के छात्रों के पाठ्यक्रम)
एस चार बार
श्याडो छात्रों के सेमेस्टर पाठ्यक्रम
श्याडो के छात्रों के पाठ्यक्रम
S four times
Shyawhdo’s Semester syllabus of students
Shyawhdo student’s courses
अस्तित्व मे
सत्य, समानता, निश्चितता के साथ स्वर्ग भोगने की शिक्षा लेने वाले
श्याडो के विद्यार्थी है
और
श्याडो का ज्ञान
उन विद्यार्थियों की विद्या
बाकी दियाँ गल्लाँ छाड्डो , दिल साफ होना चाहीदा
अज कल के कुडियां मुडियां नू
माफ होना चाहिदा चाहिदा चाहिदा
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो
बाकी दियाँ गल्लाँ छाड्डो , दिल साफ होना चाहीदा
शुक्रवार, 16 सितंबर 2011
Release 1112 श्याडो के विसेर की जेल जाने की तारीख बढ कर 29.9.2011 हो गई
हम अन्ना (अण्णा) जी के साथ राम लीला मैदान मे अन्न सन्न पर थे
पर फिर भी हम समय पर जेल मे जाने के लिये द्वारिका कोर्ट पहुँच गये
शाम करीब 5 बजे जब हम पहुचे तो जज साहब की सहयोगी बहन ने कहा अरे आप तो एल पी डब्लू हो गये (यानी वारेंट निकलना) पर कोई बात नही अभी हट वा देते है
जज साहब नही थे
साथ के रूम में बैठे जज के पास तुरंत फाइल भेजी
हम ने अन्ना रूप धारण कर रखा था
सीने पर लिखा था
जीत या मौत
अन्ना / श्याडो
सिर पर अन्ना की टोपी
जिस पर लिखा था
में अन्ना हूँ
जज साहब ने देखा
हमने सीने पर हाथ रख कर सर झुका कर अभिनन्दन किया
जज साहब ने सहयोगी को देखा और इशारा किया हां
और हमारे वारेंट रद्द कर दिये गये
हमे 26.सितम्बर.2011 को जेल जाने के लिये फिर पेस होने को कहा गया
सहयोगी दूसरे सहयोगी से कह रहे थे इनकी 1 महीने की जेल का है
पर मुझे तो 3 महीने की जेल का कहा था
शायद सरकार ने रहम दिली का परिचय दिया
जो मानवीयता के जिन्दा रहने का सबूत है
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो सोमवार, 12 सितंबर 2011
Release 1110 कानून वह सीमा है
Release 1110 कानून वह सीमा है
जिसके अन्दर सुख, सुविधा, सामान, सम्मान, और शरीर
साँसें लेता है
इस के बाहर
दुख, दुविधा, दहशत, दैत्य, और देहांत
फैसला हर जन्मे को लेना है
जीत या मौत
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडोरविवार, 11 सितंबर 2011
Release 1109 श्याडो का धरती वासियों के सामने स्वर्ग का प्रस्ताव रखना
पहचान श्याडो (Shyawhdo)
Shyam’s world help dedicate organize
श्री श्याम द्वारा निर्मित विश्व मे प्रत्येक असहाय की सहायता के लिये समर्पित समूह
काम न.1 धरती के केन्द्र से आकाश में चमकते अंतिम प्रकाश बिन्दु तक
प्रत्येक मानव जीव जंतु प्राकृतिक सम्पदा की सेवा सुरक्षा करना
न.2 अकाल मौत के मुँह मे जा रही धरती, धरती के जीवन व लोकतंत्र
की रक्षा करना
न.3 100% कानून शुद्ध करना
न.4 100% कानून लागू करना
न.5 जन सेवकों को जन सेवा के लिये बाध्य करना
नारा जय धरती, जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो
पता एस बाईस पुल प्रहलाद पुर नई दिल्ली 110044 भारत
वेब पता http://Shyawhdo.blogspot.com
सन्देश केंन्द्र 9013727047 सिर्फ एस एम एस के लिये
मोबाइल न. 9868247312
साधक अरविन्द कुमार गुप्ता
मान्यता हमारी धरती स्तर पर मान्यता और सबूत
- धरती का सबसे विशाल और निडर देश अमेरिका के राष्ट्रपति वराक ओबामा जी का हमारे लिये सन्देश भेजना धरती पर हमारी मान्यता को दर्शाता है, उनके हम को करीब 13 मेल प्राप्त हुये है, जिसमे उन्होंने हमको अपने से बात करने और इस मुद्दे को खतम करने के लिये प्रस्ताव भेजे है, जिसमे अंतिम मेल जो कि 1.9.2011 को आया है, जिसे देखने के लिये हमारी रिलीज़ 1097 देखे और हमारी धरती स्तर की मान्यता को जाने, इसके अलावा इन 13 मेलों (सन्देशों) मे हमे हजारों करोडों के उपहार देने के भी प्रस्ताव भेजे गये है, जिन्हे हमने अस्वीकार कर दिया है
- ब्रिटेन की तरफ से अब तक करीब 5 मेलों (सन्देशों) द्वारा करीब 50 लाख हजार करोड़ रुपये उपहार मे देने के लिये प्रस्ताव आये है, जो हमे हमारे अभियान को रोकने की बोली के सिवाय कुछ नही लगते,
- भारत मे जनता पार्टी के डा. सुब्रमण्यम स्वामी जी ने करीब 420 एम पी और 4042 एम एल ए को हमसे खरीदने का प्रस्ताव भी भेजा है, जिसका जबाब भी हमने ना करके दिया है
- हमारी धरती स्तर की मान्यता के विषय मे जानने के लिये धरती की सबसे बडी मीडिया साधन जिसने गूगल, फेस बुक, विकिपीडिया, ट्वीटर, एम.एस.एन. और ब्लोग स्पोट हमारे विषय मे क्या प्रचार कर रहे हैं यह जानने के लिये shyawhdoinformation, shyawhdo, pohinin, ssnin शब्दों द्वारा खोज करें और धरती स्तर पर हमारे हमारे मार्ग, समर्थकों, विरोधियों और हमारी सरल और निष्कलंक जीवनशैली को देखें समझें और हमारी मान्यता को जाचें, फिर धरती, जीवन और लोकतंत्र के तहत आज़ादी को ध्यान मे रख कर स्वतंत्रता पूर्वक फैसला लें
अहमियत हमारे जीवन काल की अहमियत
हमारी उम्र के हिसाब से यदि हम 100 वर्ष तक जिये तो पुनः काम के लिये ताजा होने मे लगा समय और दिनचर्या का समय निकालने के बाद हमारे जीवन मे करीब 25 साल ही बचते है इन 25 सालों मे हमे नीचे लिखे काम पूरे करने है
- अकाल मौत के मुँह मे धकेली जा रही धरती, धरती के जीवन व लोकतंत्र की रक्षा करनी है
- धरती पर “विश्व स्तरीय समान निश्चिंत आध्यात्मिक स्वर्गीय व्यवस्था” को लागू करना है
उद्देश्य धरती, जीवन व लोकतंत्र की सेवा सुरक्षा
World announcement of shyawhdo
हाँ कहो स्वर्ग लो
आप से छिन चुका आपका सम्मान यानी जन मुकुट आपको वापस करके रहेंगे विश्व घोषणा
इस अकल्पनीय प्रकृति मे जन्मे प्रत्येक इंसान जानवर व प्राकृतिक संपदा को निश्चिन्त करने के लिए पूरी दुनिया मे निश्चिन्त क़ानून लागू होगा, इस निश्चिंत कानून के तहत
आप से छिन चुका आपका सम्मान यानी जन मुकुट आपको वापस करके रहेंगे विश्व घोषणा
इस अकल्पनीय प्रकृति मे जन्मे प्रत्येक इंसान जानवर व प्राकृतिक संपदा को निश्चिन्त करने के लिए पूरी दुनिया मे निश्चिन्त क़ानून लागू होगा, इस निश्चिंत कानून के तहत
निश्चित भागीदारी के तहत
समय पर,
सुविधाजनक स्थान पर,
समानता के साथ
अति उत्तम गुणवक्ता का नीचे लिखा हुआ
सभी सामान, सुविधायें और व्यवस्थायें
निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेगी जिसमे बाधा रहित बिजली
वातानुकूलित व्यवस्था
स्वच्छ हवा
शुद्ध जल
प्रकृतिक हरा वातावरण
सुलभ मल व्यवस्था
कूडा व्यवस्था
स्वस्थ सम्पूर्ण भोजन
उच्च स्तरीय चिकित्सा
निष्पक्ष समय पर न्याय
स्वयं दण्डित करने का अधिकार
प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित घर
मन भर मनोरंजन
प्रत्येक को सम्भोग अधिकार
उच्च शिक्षा
वातानुकूलित यातायात
विकास
और निश्चिंत काम की भागीदारी आदि सामिल होगा
खतरा धरती जीवन और लोकतंत्र की हत्या का खतरा, जिसका परिणाम धीरे-धीरे
तडप-तडप कर मरता पर्यावरण, भू सम्पदा, मानव, और जीव की खौफनाक
दर्दनाक, भयानक मौत
कारण पूरी धरती को अपने वश मे कर चुकी ऐश की बीमारी
जिम्मेदार ज्यादा से कम की ओर क्रम से सभी जिम्मेदार है
धरती, देश, प्रदेश, जिला
और गांव स्तर पर व्यवस्था लागू करने वाले और इनको सहयोग देने वाले
और इनके अत्याचार गलत सहने वाले
आधार कानून आधार ईश्वर, धरती, देश, और प्रदेश का समान विधान (संविधान)
लागू होगा
सवाल आप कानून के अनुसार व्यवस्था क्यों नही चलाते
जबाब खामोशी, दोनो तरफ से बात ना हो सके ऐसे माध्यम से गलत जबाब देना
यानी (एक तरफा बात), दहशत, लूट, घायल, हत्या, और पूरे कुल की
खौफनाक हत्या करके ख़ौफ़ कायम रखना, ताकि कोई सवाल करने की
हिम्मत ना कर सके
सबूत पीडित धरती वासियों से सीधी बात
परिणाम इस अत्याचार की गुलामी सहना और अपने परमात्मा से दुखों के अंत की
भीख मांगना और तब ईश्वर का समय से पहले धरती पर पुनः अवतार लेना
अवतार तब परमात्मा ने
पीडित धरती वासियों को माध्यम बना कर
किया अत्याचारियों को चैलेंज
हम बदलेंगे विधि के विधान को
समय से पहले सतयुग ला के
तीन दिनों मे भारत और तीस दिनों मे धरती की
हर समस्या का जड सहित अंत
करके रहेंगे
सही मार्ग परमात्मा का पीडित धरती वासियों को दिया मार्ग
“विधाता की विधि का विधान”
यानी धरती पर सत्य को पालने वाली शुद्ध लोकतंत्र व्यवस्था
यानी सत्यपाल
यानी जनता की मरजी
यानी जनता की व्यवस्था
माध्यम हमारे विषय मे पूरी जानकारी लेने के लिये अपने मोबाइल, केबल औपरेटर,
टीवी चैनल, रेडियों, पत्रिका, न्यूज़ पेपर, इंटरनेट आदि किसी भी समाचार
माध्यमों की सर्विस देने वालों से हमारी सभी जानकारी प्राप्त करें, या सीधे
हमारे वेब पेज http://shyawhdo.blogspot.com से भी सभी
जानकारी और वीडियो प्राप्त कर सकते हैं, हमारी तरफ से यह पूरी तरह फ्री
है
बाधा गलत लोगों द्वारा समाचार उपलब्ध कराने वालों को सही समाचार देने से रोक
कर, एक बाधा पैदा कर दी है, गलत लोगों द्वारा, समाचार के उद्देश्य, आधार और कानून को तोडा गया है,
धरती देश राज्य जिला और गांव के सभी व्यवस्थापकों ने इन गलत लोगों का साथ दिया है
इसे तोड कर धरती वासियों को गलत सीख दी जा रही है
इस गलत सीख के कारण भ्रमित हो कर धरती वासी अपने फायदे की चाहत नही बता पाते
गलत लोग इसी फायदे की चाहत के ना होने को आधार बना कर धरती वासियों पर अत्याचार (दहशत, मजबूरी, गुलामी, दर्द, घाव, बलात्कार, हत्या, कुल हत्या) करके ऐस और ऐव करते रहते है, और धरती वासियों के पास सहने की मजबूरी के सिवाय कोई चारा नही होता,
मार्ग धरती वासियों को धरती स्तर पर समाचार आधार को लागू कराना है
जिसके लिये हमे संविधान के तहत संसद से इश कानून को लागू कराना है तो अब आप से सवाल है कि क्या हम सही कर रहे है
अब आप, अपने मन की बात कहें,
यदि आप का जबाब हां है तो इस ¨ बोक्स मे सही का निशान लगाये,
यदि आपका जबाब ना है तो इस ¨ बोक्स मे सही का निशान लगाये,
और यदि आप अपनी स्वतंत्र चाहत बताना चाहते हैं तो बतायें
न.1 ...........................................................होना चाहिये
न.2 ...........................................................होना चाहिये
न.3 ...........................................................होना चाहिये
इसके अलावा आप कितना भी लम्बा लिख कर दे सकते है, ध्यान रहे आप जो लिखे ऐसा सरल लिखा हो जिसे आम, कम पढा लिखा इंसान भी पढ व समझ सके, क्यों कि यह सदैव समहाल कर रखा जायेगा, आपकी राय बनायेगी जनता की मरजी की व्यवस्था, यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते है तो सीधा हमारे एस एम एस सेंटर पर एस एम एस भेजे हमारे साधक आपके हर सवाल का जबाब देने को सदैव तैयार है और जब तक आपकी शंकाओं का समाधान ना हो एस एम एस करते रहें
अपना या अपनों का स्थाई मो. न. लिखें........................................
अपना नाम लिखें .....................................................................
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