सोमवार, 21 मई 2018

matter 1207 कुछ पुरुषों को फ़साने के मकसद से उजागर किये हुए अपराधी महिलाओं द्वारा प्रचारित नकली चित्र के साक्ष्य

कुछ पुरुषों को फ़साने के मकसद से उजागर किये हुए अपराधी महिलाओं द्वारा प्रचारित नकली चित्र के साक्ष्य 








































































matter 1206 कुछ संघारों के पुरुषों को आतंकित करते हुए नकली चित्र व परिणाम






matter 1205 कुछ संघारी महिलाओं द्वारा पुरुषों को आतंकित करते नकली चित्र

कुछ संघारी महिलाओं द्वारा पुरुषों को आतंकित करते नकली चित्र










matter 1204 वर्त्तमान विश्व कुव्यवस्था द्वारा कुछ नकली बनाए हुए चित्र जो पुरुषों को आतंकित करने के साक्ष्य हैं

वर्त्तमान विश्व कुव्यवस्था द्वारा कुछ नकली बनाए हुए चित्र जो पुरुषों को आतंकित करने के साक्ष्य  हैं























matter 1203 शुद्धविवाह सुविवाह


शुद्धविवाह सुविवाह
शुद्धशादी  सुशादी
secyormarrege semarrege
secyorwedding sewedding
शादी की ये जानकारियाँ हर 10 वर्ष के मानव को होनी चाहिये
crime घर में सभी पर सामान रूप से लागू होता है
वर्त्तमान में 60 साल की लड़कीयों/महिलाओं को क़ानून व सरकारें छूट दे रही है जिसके घातक परिणाम इन महिलाओं द्वारा करीब 6 करोड़ हत्यायें हर साल की जा रही हैं अरबों खराबों की पुरुषों की संपत्तियां महिलायें लूट रही है लिव इन रिलेसन के तैहैत अनेक पुरुषों से प्रजनन कर रही हैं करतव्यों से बच लूट व हत्याओं को जारी रखे हुए हैं भ्रूण हत्यायें जारी है वर्त्तमान में लड़कों के भ्रूण की हत्यायें जारी हैं ताकि महिला संघारी विश्व व परिवार व्यवस्था को जारी रखा जा सके महिलाओं का कैहैना है की समान काम व खतरे की उन्हें सामान कीमत मिलनी चाहिये हम कमसिन हैं हमें.पुरुषों.वाले काम नहीं मिलने चाहिये पुरुषों की सभी सम्पत्ती मिलनी चाहिये पर समानता से काम व खतरा भोगने को तैयार नहीं जो क़ानून व संस्कारों का उलंघन है एसी परिस्थिती में महिलायें सरकारें डॉक्टर पुलिस व उनकी कोटें जैहैर देकर पुरुषों को लगडा लूला कोडी मानसिक मरीज बना कर याद की हत्या करके उन्हें कोमा में डाल कर उनकी हत्यायें कर रही है क्यों.की विश्व की सभी सरकारें कही ना कही. कोंग्रेस आतकंवादियों व महिलाओं की कुव्यवस्था से मिली है.इस लिये ये प्रोस्टोक्रेसी है इसके विपरीत हिन्दू विश्व व्यवस्था कर्म को प्रधानता देती है जिसे मानवीय व्यवस्था सच्चासौदा आदि नामों से जाना जाता है जो इन सभी संघारो विकलांगों वैश्यावृत्ति आदि को रोकने में.सफल है एक बात और वर्तमान में शादी के समय दौनों पक्षों व गवाहों से सरकारें प्रोस्टोक्रेसी की सैहैमति आपराधिक नीति से छुप कर ले लेती हैं.यहाँ तक की खुद के द्वारा आपकी 10 वर्षीय बेटी तक की शील भंग करने की सैहैमति कूट व आतंक नीति से ले लेती हैं कुछ समय पैहैले इन सभी आपराधिक नीतियों को उजागर कर, शुद्ध नीति को विश्व के सामने रख निर्विरोध 100% बहुमत से पास कर विस्तारित कर दिया गया जिसका विवरण      पर है  है यह काल्पनिक कथा कहानियां नहीं विश्व व्यवस्था के साक्ष्यों व आकड़ों पर आधारित है जो पुरुष इन सभी हमलों से बच जाते हैं.उन्हें क़ानून के हथियार से काटा जाता है आज इनमें महिला समर्थक क़ानून डीवी का चलन है ये पुरुष को फ़ुट्पाती मलीक्ष बना कर उसकी हत्या कर देता है या जीवन भर महिलाओं के झूठे प्यार वफादारी के तमासे व जैहैर से उनकी गुलामी कराकर उन्हीं के हाथों मरता है ध्यान रहे की डॉक्टर सरकारी आदमी हैं जो भ्रूण के जन्म से ही आपको विकलांघ व असक्षम बनाने के लिये जैहैर दवा के नाम पर देता आ रहा है आपकी हर असक्षमता व योग्यता का कारण ये जैहैर ही है जिसे आज कल बीमारी व इलाज के नाम से प्रचारित किया जाता आ रहा है
तो अब शादी नही सुशादी आदि शब्दों का इस्तेमाल कर आपराधिक महिलाओं व उनके समर्थकों से बचें बचाते ही आप कर्म विश्व व्यवस्था की झोली में आ गिरेंगे जो आपकी व आप के अपनों के स्वास्थ सुख सम्पत्ती व जीवन की रक्षा करता रहेगा

कुछ और घातक क्रूराताये
कुछ क्रिमिनल महिलाये अपने लूट व हराम के लाइफ स्टाइल को जीने के लिए कोर्ट व पुरुषों को तर्क देती हैं की उन्हें भी अपने फ्यूचर को सेव करने के अधिकार है इस लिये वह पुरुष के आधे एसेट्स की अधिकारी हैं
पर ये षडयंत्र है विश्व में प्रोस्टोक्रेसी जारी है
इस लिए हर फैसला प्रोस्टोक्रेसी व क्राईमोक्रेसी के फेवर में ही होता है
अगर ऐसा नहीं तो क्रिमिनल महिलायें पुरुषों की तरह काम करके अपने एसेट क्यों नहीं बनाती रिलेसनसिप लव व शादी के तैहैत ही सम्पत्ति को क्यों लूटती हैं, क्रिमिनल महिलायें अपना पूरा जीवन हराम से जीने का षडयंत्र जारी रखती हैं इसके लिये वह अनजान कर्मी पुरुष को पैहैले 10 साल बालिका के रूप में फिर 18 साल किसोरी के रूप में फिर शादी तक युवती के रूप में फिर बच्चा बीमारी के नाम में फिर तलाक के बाद ड़ीवोसी के रूप में. साथ आधा एसेट ले कर अकेले वैश्याई रूप में हराम का लाइफ स्टाईल जीती हैं और यदि अनजान पुरुषों को पता नही चल पाया तो जैहैर इलाज षडयंत्र से मर्डर कर पूरे एस्सेट्स बच्चे विरासत सब की मालकिन बन जाती है ये अपराध है दंड योग्य है तो ये एक विश्व स्तरीय कुबयवस्था है जो अधिकतर शहैरों के पुरुषों को 30 से 50 तक की एज के आस पास कतल कर उसकी सभी संपत्ति की मालकिन बन जाती है
आज कल तो हर फैसला क्रिमिनल महिलाओं के पक्ष में.ही दिया जा रहा है यानी क़ानून व विश्व व्यवस्था ही दूषित हो चुकी है क़ानून बना दिया है की अगर पुरुष ने अपनी महिलाओं.के सामने आत्म समर्पण नही किया तो उसे पीटा जाये, उसका कतल कर दिया जाये उसे भिखारी बना दिया जाता है उसे मलीक्ष व पागल बना कर कतल कट दिया जाता है ये सच्चाइयां जानना पुरुषों के लिये जरूरी है पुरुषों के शरीर में करीब 1200 दर्द व तकलीफें क्रिमिनल महिलाओं के स्लोपोइजन के कारण होती है जिन्हें.न बीमारी के नाम पर दण्ड के दायरे से बाहर कर दिया जाता आ रहा है जो विश्व कुव्यवस्था के सलाहकारों द्वारा दिलवाया जाता आ रहा है पकडे जाने पर कोमिडी सो द्वारा छोटी मोटी आम बात बना कर जबरन खामोश करा कर बात ख़तम कर दी जाती आ रही है और खुद को क़ानून से बचाया जाता आ रहा है इस तरह रुइनोक्रेसी के तैहैत डाक्टरों.और क़ानून के द्वारा इन संघारों को जारी रखा जाता आ रहा है आज करीब 6 करोड़ हत्यायें इसी तरह की जाती आ रही है जब ये क्रिमिनल महिलायें 60 वर्ष से ऊपर की हो जाती हैं तो इनको भी सास बुडिया पागल बीमार आदि कैहै कर 12 से 50 तक की महिलाओं द्वारा जैहैर इलाज के षडयंत्र द्वारा कतल कर दिया जाता आ रहा है यानी ऑटोमैटिक संघारीप्लांट जारी है क्यों की पुरुष को ही परिवार देश दुनियाँ को संघारियों कातिलों रेपरो.न वैश्याबलियों आदि को बचाने के लिये अपनी जानें देनी पड़ती हैं इस लिये इन संघारियों कातिलों रेपरो.न वैश्याबलियों से बचाने के लिये क्रिमिनल महिलाओं को क़ानून के दायरे में.रखना जरूरी है नहीं तो ये विश्व स्तरीय क्रिमिनल महिलाओं के तैहैत आकर अपनी ही संतानों की शक्तिशाली नस्ल को नष्ट करती रहेंगी जो पृथ्वी से जीवन को धीरे धीरे समाप्त करती रहेगी
तो पृथ्वी के जीवन को बचाने के लिये प्रजातियों व नस्लों को बचाने के लिये पुरुषों को महिलाओं को अपने व क़ानून के तैहैत रखना होगा
अधिकतर क्रिमिनल महिलायें अपने षडयंत्र के तैहैत संतान की प्राप्ती तक 1 या 5 साल तक ही पति के साथ रैहैती हैं यानी पूरे जीवन में पुरष 100% समय तक काम करता है पर महिलायें. 1 से 5 साल तक उस समय में.भी स्लो पोइजन खाके बीमार रैहै कर गर्भ वती के नाम पर काम से बचती रैहैती हैं
विश्व व्यवस्था भी आपराधिक तरीके से पैहैले ही पुरुषों को बताती आ रही है मेरी बेटी राज करे, मेरी बेटी राजा करेगी, राज एक आपराधि शब्द है जिसे सोसल शब्द की तरह एक्स्प्रेसन द्वारा प्रचारित किया जाता आ रहा है  
तो यहाँ साबित होता है की क्रिमिनल महिलायें अपना फ्यूचर सेव करने की बात के तैहैत अपने हराम के लाइफ स्टाईल को मेन्टेनटेन करती आ रही हैं जो पथ्वी व जीवनों को धीरे धीरे कतल करने के लिये जिम्मेदार है यानी विश्वद्रोह है
यहाँ तक की इन क्रिमिनल महिलाओं ने क़ानून की सभी किताबों.में.इन कानूनों को भी बदल भ्रमित नाश बेअसर अस्पष्ट छुपा दिया है
सलाहकार के तैहैत समाज धर्मं सरकार व क़ानून के अधिकतर सलाहकार इस रुइनोक्रेसी को चलाने में सामिल है
जो स्ट्रेटिजी युक्ति रास्ता मार्ग मंत्र ताबीज रासी आदि के नाम पर ये संघारा जारी रखे हुये हैं
जिन्होंने सेरों को चूहा बना दिया
ये महिला विरोधी नही विश्व प्राणी व्यवस्था रक्षक अमरित है

जिसने अरबों महिलाओं व पुरुषों को अब तक अमर कर दिया है और करना जारी है
विवाह का मतलब अपने अपने वचन पूरे करना है ना करने पर दण्ड सैहैना है ये वचन विवाह पद्धिति में अंकित है जिसे विश्व देश राज्य और प्रशासन बेहद अच्छी तरह जानता है पंडित व महात्मा तो मूंजुबानी रट कर याद रखते हैं
वर्त्तमान विश्व कुव्यवस्था द्वारा कुछ नकली बनाए हुए चित्र जो पुरुषों को आतंकित करने के साक्ष्य
हैं 
कुछ संघारी महिलाओं द्वारा पुरुषों को आतंकित करते नकली चित्र
कुछ संघारों के पुरुषों को आतंकित करते हुए नकली चित्र व परिणाम
कुछ पुरुषों को फ़साने के मकसद से उजागर किये हुए अपराधी महिलाओं द्वारा प्रचारित नकली चित्र के साक्ष्य   


बुधवार, 16 मई 2018

matter 1202 अपने अधिकार लीजिये


लीजिये लीजिये लीजिये
अपने अधिकार लीजिये
विश्व के सबसे विराट व सर्वव्यापक प्राणी व्यवस्थापक से लीजिये
दीर्धायू
स्वस्थता
ताकत
शिक्षा
सम्मान
समानता
पैसा
भूमी
सामान
साधन
सुविधायें
निश्चिन्तिता
काम
प्रजनन व आजादी
और जीईये अपने सपने जी भर के
ये ही है विकसित, आधुनिक, कानूनी, समान, निर्दोश, जीवन जीने का एकमात्र रास्ता

हर प्राणी है ईश्वर अन्स, ना मिटने दें कोई वन्स

जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो