सोमवार, 18 जुलाई 2011

1062 कर्जदारों ने गलत लोगों के माध्यम से वसूली का दबाब बनाने के लिये चैक बोंस करा के झूठा केस कर दिया जेल भेजा


हर भारत वासी आज गलत लोगों की आग से जल रहा है
श्याडो ने भारत वासियों को इस गलत आग से बचाने का जिम्मा ले लिया है
जिसने इन गलत लोगो की आग को बुझाने की कोशिश की उसे अकेला करके मार दिया गया
जैसे लखनऊ के जेल में गलत लोगों के खिलाफ जाने वाले दो डोक्टरों के साथ एक डोक्टर की 10 मुख्य खून की नसें काट कर तीनों की हत्यायें कर दी
जैसे स्वामी निगमा नन्द को जबर जस्ती जहरीला इलाज दे के मार दिया गया
दिल्ली रोहिणी की जेल में एक सजा काट रहे की पीठ को गरम सलाखों से जला कर कमीना लिखा गया
कानून बताने वाले के पुत्र को रस्सियों से बांध कर घसीटा गया
करीब 12000 देशभक्त व बाबा राम देव के साथ रामलीला मैदान मे घोर क्रूरता की 
करीब 2200 देशभक्त व अण्णा हजारे को धारा 144 लगा के जंतर मंतर पर जन पीडा निवारण के लिये जाने ही नही दिया, जब राज घाट पर जन पीडा दूर करने के लिये देश भक्ति दिखाई तो टी वी प्रसारण बन्द करा दिया, भारी पुलिस बल खडा कर दिया, राज घाट पर भी मुख्य जगह पर मंच नही लगने दिया, जगह बदल वा दी, आसान रास्ता बन्द कर दिया, कठिन रास्ते पर वाहन से आने वाले देश भक्तों को भेजते रहे, देश भक्ती करने वालो को अलग-अलग ले जा के मनोबल उनका मनोबल गिरा के धमका के देश भक्ति ना करने की कोशिशें करते रहे, और सलाह शब्द का इस्तेमाल करके धमकी दी  कि 16 अगस्त को प्रदर्शन किया तो जैसी परिस्थिति होगी वैसी कार्यवाही करेंगे, बाबा राम देव के साथ की गई क्रूरता भी करनी पडी तो वो भी करेंगे, किसी भी कीमत पर भारत मे जन पीडा हटाओ अभियान को किसी को पूरा नही करने देंगे
किसान व साधारण जन से जमीन छीनने पर जो भीख मे देंगे वो प्रसाद समझ कर लेना होगा, विरोध किया तो हत्या कर दी जायेगी
पटरी वालों, रेडी वालों, दुकान दारों, सोरूमों वालो, फैक्टी वालों, डोक्टरों, बिल्डरों, अध्यापकों, महात्माओं आदि सभी को हमको अपनी कमाई मे से हमारे कानून के हिसाब से और बिना कानून के हिसाब से देते रहना होगा      
मजदूरों को जितनी तनुखा देंगे उतने में निश्चित समय से ज्यादा काम करना होगा नही तो गुडगांव मे जैसे घेर-घेर के पीटा था वैसे पीटने से बाज नही आयेंगे
जिसने हमको अपनी महनत की कमाई मे से आधे से ज्यादा हमारे कानून के हिसाब से नही दिया तो उसका आतंकवादियों जैसा हाल करके मारेंगे,
भारत मे करीब बीस लाख इंसान रोज सरकारी लोगों की गलत कानून व्यवस्था के कारण बे मौत मर रहा है,
विद्यार्थी विद्या के नाम पर प्रमाणपत्र खरीद कर रोजी के लिये अपने ही लोगों का गला काट रहे हैं
अस्पताल सामान्य इंसानों को अपने स्वार्थ के लिये मार रहे है काट रहे है
मनोरंजन ओर खेल के नाम पर लूटा जा रहा है
मनोरंजन और खेल के नाम पर अपराध की शिक्षा दी जा रही है 
शान के लिये अत्यंत खनन कर समय से पहले प्रलय को निमंत्रण दिया जा रहा है 
ऐसा इस लिये हो रहा है क्यों कि हम एक साथ खडे नही होते
क्यों कि जीविका की मजबूरी हमें लम्बे समय तक खडे नही रहने देती
और ये गलत लोग हमारी जीविका को खतम करने के लिये संघर्ष के समय को लम्बे से लम्बे समय तक खींचने की कोशिश करते है
गलत लोग छल, बल, लालच, फूट के हथियारों से हमे हरा देते है
और इनके 1 के मुकाबले करीब हम साठ हजार होते हुये भी हार जाते है
हमारे हाथों मे वोट यानी मौज मस्ती की लाइफ का एग्रीमेंट होते हुये भी हम हार जाते है
इसे ही राजनीतिज्ञों की रणनीति कहते हैं
क्यों कि हम एक नही हो पाते इसी लिये रणनीति नही बना पाते
ऐसा इस लिये भी होता है क्यों कि हम अनजाने में इन गलत लोगों को ताकत देने के लिये रुपये देते रहते है ये रुपये सौदा करते समय रुपये लेने देने करने से ओटोमैटिक करों आदि के रूप में इनके पास पहुच जाता है इसे रुपया सिस्टम कहते हैं
ये रुपया सिस्टम ही इनकी ताकत का केन्द्र है जैसे रावण की नाभि में अमृत था    
तो यदि हमे जीतना है तो इन राजनितिज्ञों की रणनीति को फेल करना ही होगा
यदि इनकी ताकत का आधार खतम करना है तो ओटोमैटिक इनकम बन्द करनी होगी, इसके लिये रुपया सिस्टम की जगह परची सिस्टम चालू करना होगा, परची सिस्टम मे कागज के नोटों की जगह एक परची होगी, जैसे आस्पताल में चलती है जैसे बैंक का कार्ड, इसके अलावा सामान सुविधाओं के द्वारा भी सौदा किया जा सकता है, जैसा कि आज भी हमारे गाँवों मे होता है, आप अन्न के बदले कुछ भी ले सकते हैं जैसे ही परची सिस्टम शुरू होगा इनका नोट मिट्टी के समान हो जायेगा, तब एक मजदूर एक दिन के काम के लिये या एक किसान अन्न सब्जी के बदले गलत लोगों से 1 किलो सोना भी मांग सकता है, सौदा मंजूर है तो ठीक है नही तो कर लो अपना काम अपने आप या उगालो अन्न अपने बंगले व कारों में, तब पता चलेगा इनको इंसानियत किस चिडिया का नाम होता है तब ये इंसानों को गुलाम नही बना सकेंगे,

ये गलत लोग भारत वासियों को जलाने के लिये गलत कानून व्यवस्था का भी इस्तेमाल कर रहे हैं
श्याडो प्रकृति रक्षा, मानवता, व कम खर्च को सबसे पहले महत्वता देता है
श्याडो व्यापार के क्रूर नियमों का पालन न कर सका          
इसी कारण वह मामूली से कर्ज को भी नही चुका सका
कर्जदारों ने गलत लोगों के माध्यम से वसूली का दबाब बनाने के लिये चैक बोंस करा के झूठा केस कर दिया
गलत लोगों ने कहा इनको रुपये दो वरना जेल मे जाना होगा
कार्यवाही के दौरान श्याडो जो कहता गलत लोग उसे नही मानते
उनका कर्ज दार जो कहता उसे गलत लोग मान लेते
श्याडो गलत लोगों से बोला आप हमारे व हम जैसे भारत वासियों के साथ अन्याय कर रहे हो
सभी कार्यवाहियाँ जनता द्वारा जांच करने योग्य आधार के आधार पर होगी तभी हम आगे बात करेंगे जैसे लाइव टैली कास्ट, आवाज व विडियो रिकोर्डिंग जिसे जनता जांच कर अपना फैसला दे सके
श्याडो ने पूछा कि (जनता कार्यवाही) यानी हर कार्यवाही जनता द्वारा जाँच करने योग्य आधार पर क्यों नही की जाती?
व अंतिम निर्णय जनता का क्यों ना मान्य हो?   
गलत लोगों ने जबाब नही दिया
श्याडो ने गलत लोगों से कहा जन तंत्र मे हर कार्यवाही जनता द्वारा जाँच करने योग्य आधार के आधार पर की जायेगी व अंतिम निर्णय जनता देगी ये संविधान मे जन तंत्र का आधार  है इसे क्यों तोडा?  
गलत लोग बोले आप पर चैक बोंस का दोष सिद्ध होता है आपको 4 दिन का समय दिया जाता है या तो कार्यवाही आगे बडा ओ या बोंस अमाउंट का दुगना जुर्माना दो या जेल जाओ या हम कुछ भी न करें हम पर निर्भर करता है, आप क्या चाहते है जबाब दो, और 10 पन्नों का फैसला हमे दे दिया गया,
श्याडो सोचने लगा कि क्या ये गलत लोग श्याडो को जिन्दा छोडेंगे
श्याडो को ईश्वर ने जबाब दिया नही ये क्रूर हत्या कर देंगे
अगर श्याडो मर गया तो वह धरती वासियों व भारत वासियों को इन गलत लोगों की आग से कैसे बचा पायेगा
श्याडो ने आज तक ये युद्ध अकेले अपने दम पर लडा
गलत लोगों को अपने सर्व हितैशी सवालों से भारत ही नही अमेरिका के प्रैजिडैंट बाराक ओबामा तक को खामोस कर दिया,
और इस तरह धरती के सबसे बुद्धिजीवी सर्व हितकारी पद को प्राप्त किया
पर यदि श्याडो की जेल में हत्या कर दी गई
तो श्याडो का 3 दिनों मे भारत व 30 दिनों मे धरती को 100% समस्या मुक्त बनाने की कानून व्यवस्था जो 5 या 10 दिन मे लागू होने वाली थी अंतिम दिनों के पास आकर रुक जायेगी
श्याडो को नही लगता कि बिना ईश्वर की मरजी के दोबारा फिर कोई श्याडो जैसा हर दृष्टी से अति उत्तम कोई धरती का हित चाहने वाला हो सकता है
इस लिये यदि आप चाहते है कि जादू की छडी घुमाने जितने समय मे भारतवासियों की 100% पीडा खतम हो जाये तो आपको श्याडो के कन्धे से कन्धा मिलना ही होगा,
श्याडो के बताये मार्ग को अपनाना ही होगा
इस लिये
रुपया सिस्टम खतम कर के परची सिस्टम लागू करो
जब श्याडो के साथ रोड पर खडे हो जाओ तो बिना जीते वापस मत वापस आओ,
समय लम्बा मत खिंचने दो हर काम फटाफट खतम करों
इनके हथियार यानी लालच, छल, बल, मजबूरी को कामयाब मत होने दो
जनता का राज, यानी लोकतंत्र को पुनः लाने के लिये
लोकतंत्र की रणनीति का पालन शुरू कर दो
श्याडो जब तक गरीब शब्द को मिटाना दे तब तक गरीबों जैसी जीवन शैली जीने के लिये वचन दे चुका है
श्याडो राजनीति के गुरू राहनीति को धारण करता है
श्याडो महात्माओं के वंस का छटा अंश है 
श्याडो इग्लैंड व अमेरिका के करीब 15 हजार करोड रुपयों से ज्यादा के उपहारों के चांसों को अस्वीकार कर चुका है
श्याडो के विषय मे और जानने के लिये निम्न साधनों का इस्तेमाल कर सकते है
न.1 अपने केबल टीवी ओपरेटर से आप मांग कर सकते हैं कि वह आपके टीवी पर ही यह दिखाने के लिये व्यवस्था करे
यदि आप रेडियों सुनते हैं तो आप अपने रेडियों स्टेसन को फोन पर मांग कर सकते हैं       
जिनके पास साधारण मोबाइल है वह अपने फोन ओपरेटर को प्रार्थना कर सकते है कि वह श्याडो की जानकारी एस एम एस द्वारा या वोइस मेसेज द्वारा भेजें
जिनके पास मल्टीमीडिया फोन है, वह अपने ओपरेटर से एस एम एस, एम एम एस, वोइस मेसेज के द्वारा हमारी जानकारियाँ ले सकते है  
जिनके पास इंटरनेट फोन व इंटरनेट कम्प्यूटर या लैपटोप नोट बूक व ब्लैक बैरी है वह सीधा हमारे वेव पेज को खोल कर सभी जानकारी व विडियो एल्बम देख सुन व पढ सकते है
और इस गलत के साथ सही की लडाई मे अपना अमूल्य योगदान दे सकते है
श्याडो जिन्दा रहा तो जीवन भर हर समस्या का समाधान देता रहेगा
इस लिये श्याडो की हत्या होने से पहले जनता को अपना राज शुरू करना होगा
श्याडो की हत्या से पहले गलत लोगों पर जीत हासिल करो
सरकारी लोगों का हुक्का पानी बंद कर दो
इनकी सम्पति छीन लो
इनके कार्यालयों का सारा काला रिकोर्ड जला दो
ये जब तक जारी रखो जबतक जनता का राज पुनः लोकतंत्र लागू ना हो जाये
कोई निश्चित जगह व समय नही जब चाहो जहां चाहो जो सरकारी आदमी दी खे उसे अपने साथ आने का एक मौका दो ना आये तो उसके साथ वही करो जो लिखा है
आपको लोकतंत्र लाना ही होगा और ला के ही रहेंगे
जनता का राज लाना ही होगा जनता का राज ला के ही रहेंगे
मीडिया गलत है, गलत लोगों के साथ है, मीडिया से बात मत करना, मीडिया की बात पर यकीन मत करना, मीडिया का मतलब है समाचार पेपर, टीवी समाचार, रेडियों, डिस्प्ले बोर्ड, मनोरंजन इस लिये यह पहली जानकारी परचे के द्वारा जनता को दी जा रही है और जान कारी ले ने के लिये आप 9868247312 पर एस एम एस भी कर सकते हैं
वोट का मतलब है आपने फिर से गलत लोगों से अपने उपर कोडे पडवाने के लिये, बसूली देने के लिये, अपने उपर नवावों को मालिक मानने का एग्रीमेंट साइन कर दिया है,
इस लिये तब तक वोट मत डालो जब तक कोई हमारी तरह का कानून हमारे जितने कम समय मे लागू करने का एग्रीमेंट साइन करके हमारी तरह ना दे, हमारी तरह 100% समस्याओं के समाधान का कानून पेस ना कर दे
20.7.2011 को गलत लोगों के बल के तहत हम अपना समर्पण करने को बेबस है,
यह हमारी पहली बेबसी है,
एक बार गिरफ्तारी देने के बाद कोई धरती वासी ये उम्मीद न रखे कि ये गलत लोग हमे जिन्दा रहने देंगे व हम पुनः धरती वासियों व भारत वासियों के लिये अब कुछ कर सकेंगे
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक  
श्याडो

          
   

       
    

         
     


शुक्रवार, 15 जुलाई 2011

release 1061 श्याडो ने 16.7.2011 को सरकारों को कहा, सरकारों की अद्रिश्य क्रूरता दिखाई, व सलाह दी, वरना परिणाम बताया

  1. In the court of M.M. Delhi
  2. Cc no. 6741/2008

  1. Hsbc v/s ………………………………………
  2. u/s 138 of NIA 1881
  3. N.H. 16.7.2011
  4. प्रेषक,

7.             ……………………………………

8.     युगांतरों से योगियों को था जिसका इंतज़ार, कलिराम ने कलियुग मे फिर पुनः लिया अवतार, 30 दिनों मे धरती व 3 दिनों मे भारत की 100% समस्याओं का अंत करके रहेंगे, श्याडो (श्याम्स वल्ड हेल्प डेडिकेट ओर्गेनाइज़) यानी श्री श्याम द्वारा निर्मित विश्व में प्रत्येक असहाय की सहायता के लिये समर्पित समूह, जिसका काम धरती के केन्द्र से आकश मे चमकते अंतिम प्रकाश बिंदु तक प्रत्येक मानव जीव जंतु प्राकृतिक सम्पदा की सेवा सुरक्षा करना, जनता की सरकार से रक्षा करना, 100% कानून शुद्ध करना, 100% कानून लागू करना, जन सेवकों को जन सेवा के लिये बाध्य करना, यू एन के अरबों रुपयों के उपहार अस्वीकार कर चुके हैं हम, प्रैज़ीडैंन्ट बाराक ओबामा के बात करने के आग्रह को अस्वीकार कर चुके हैं हम, धरती पर हमे व धरती वासियों को धमकाने वालों (यू के, यू एस ए, यू एन, भारत)  को अपनी ताकत का आधार दिखा चुके है हम, और अधिक जानने के लिये http://shyawhdo.blogspot.com, shyawhdo@gmail.com, 9868247312, एस 22 पुल प्रहलाद पुर दिल्ली 110044, मे आपका स्वागत है

9.     शब्द अर्थ:
10.  सरकार = विधायिका + कार्यपालिका + न्यायपालिका + लूट शैली अपनाने वाले व उनके सहायक लोग    

11.  वाक्य अर्थ:
12.  जांच करने योग्य आधार = जैसे आवाज, वीडियो, रिकार्ड करना, लाइव प्रसारण करना, सार्वजनिक प्रचार करना, क्रमिक कार्यवाही, समान कार्यवाही, व काम शैली (विश्व समान निश्चिंत मानवीय लोकतंत्र) के तहत कार्यवाही करना,    

13.  सेवा में,
13.
14.  माननीय एम एम श्री सचिन सागवान
15.  व अति सम्मानित तीनों अंगों सहित भारत की सरकार
16.  कोर्ट न. 310 द्वारिका न्यायालय दिल्ली

17.  विषय:
17.     हमारे साथ गलत कार्यवाही (आपराधिक षडयंत्र, हमारा गलत प्रचार, हवालात जेल व अन्य अधीन स्थान मे बीमारी संक्रमण कराना, जलील करना, मारपीट करना, अस्वस्थ भोजन देना, अस्वस्थ वातावरण देना, असुरक्षित स्थान मे रखना, हत्या का प्रयास, घायल का प्रयास, अनुचित चिकित्सा देना, धमका ने वाली बात और अभिव्यक्ति करना, जेल के कानून को तोडना आदि अहितकारी कोशिशें) हुई तो उसकी दोषी सरकारें (तीनों अंगों सहित) व मीडिया हैं,


18.  विवरण: महोदय यह मामला Hsbc v/s ……………………………………, u/s 138 of NIA 1881 का नही बल्कि धरती पर छीनने वाले v/s धरती पर छिनवाने वालों के बीच देश द्रोह, बेईमानी, षडयंत्र, भ्रमित करना, छ्ल करना, लूटना, हत्या करना, धमकाना, आपराधिक षडयंत्र, सौदागीरी करना, गुलाम बनाना व आपराधिक आधार पर राज करने का है,

19.  सरकार की लूट शैली का अदृश्य तरीका
20.  सबसे पहले मीडिया द्वारा भ्रम फैला कर डराया जाता है 
21.  फिर सुरक्षा के लिये ताकत और ताकत के लिये सबके साथ सौदा किया जाता है  
22.  ताकतवर होते ही बेईमानी करके सौदा तोड दिया जाता है
23.  अगर कोई जनता को बताने के लिये जांच करने की कोशिश करे तो उसकी हत्या कर दी जाती है
24.  फिर इस हत्या का मीडिया द्वारा प्रदर्शन करके धमकी दी जाती है कि दोबारा किसी ने हिसाब जाँचने की हिम्मत की तो उसका भी ये ही हाल किया जायेगा    
25.  फिर जनता को बेबस कर के रखा जाता है,
26.  फिर मीडिया द्वारा विकास, उपहार, ब्राइट कैरिअर आदि के झूठे सपने और अश्लील मनोरंजन दिखा कर जनता को गुलाम बनाया जाता है, जनता के दर्द को भुलवा दिया जाता है, समझौता कराया जाता है, 
27.  और फिर से इसी लूट शैली को पुनः दोहराया जाता है
28.  धरती व भारत मे हम इन लुटेरों के इस षडयंत्र से जनता को मुक्त कराने का कानून जनता को दे चुके है
29.  हम है छिनवाने वालों के सेवक व रक्षक,
29.आप को भय है कि यदि हमारी सत्य की आवाज धरती पर छिनवाने वालों के पास पहुंच गयी तो आप का षडयंत्र 3 दिनों मे खतम हो जायेगा,
30.  इसी भय के कारण आप जाँच करने योग्य आधार के तहत कार्यवाहियां नही करते,
31.  इसी लिये आप जांच करने योग्य आधार की मांग को अस्वीकार करके बेअसर, खानापूर्ती करने वाली, केवल प्रदर्शन करने वाली, केवल आपकी लूट को कामयाब बनाने वाली कार्यवाहियां कर रहे हैं,
32.  हमने आपके द्वारा बनायी गयी सभी षडयंत्र कारी बाधाओं को ईश्वर की सिद्धि से पार कर आपको गलत षडयंत्र कारी सिद्ध कर दिया है,
33.  धरती पर भारत मे छिनवाने वालों की सेवा व सुरक्षा के लिये हम शहीद होने व नरक जैसी जीवन शैली स्वीकार करने के लिये तैयार हैं,
34.  सरकार ने लखनउ की जेल में एक हम जैसे सर्व हितैषी की 10 मुख्य खून की नसें काट कर उसे तडपा-तडपा कर क्रूरता पूर्वक मार दिया और हमारे द्वारा इस पत्र मे दिये तथ्यों को साबित किया व अपनी दहशताना नीति व नियंत्रण का परिचय दिया,
35.  राम देव बाबा, अण्णा हजारे व इनके साथ 10000 से जादा लोगों को सर्व हित का काम करने से क्रूरता पूर्वक, छल पूर्वक, बल पूर्वक, असंविधानिक ताकत से रोक दिया,
36.  स्वामी निगमा नन्द को प्रकृति की सुरक्षा के लिये उपहार मे ज़हरीला उपचार दे के मार दिया,
37.  रोहिणी के सुधार ग्रह मे एक सरकार के षडयंत्र को उजागर करने वाले, की पीठ को गरम सलाख़ों से झुलसा कर लिखा कमीना,
38.  कानून व्याख्यान करने मे सक्षम कानून ज्ञाता के पुत्र को रस्सियों से बाँध कर सरकार ने घसीटा फिर मीडिया से अपनी आपराधिक हिम्मत का प्रदर्शन किया,
39.  बसूली ना देने वाले सिविल इंगीनियर को यू पी मे सरकार ने उसी के घर मे उसी के परिवार वालों के सामने बिजली की तार से लपेट कर करंट लगा के मार दिया, आदि
40.  आप के 99.99% मामलों को हम चुनौती देते है कि वह हमारे द्वारा बताये गये सत्य के षडयंत्र के तहत रचे गये है
41.  आपके द्वारा धमकाने के लिये जो अपराधिक क्रूर प्रदर्शन किया जाता है उसकी लिस्ट बहुत बडी है सबका बता पाना हमारे जीवन काल में असम्भव है    
42.  सभी रिकोर्ड आपके कार्यालयों मे सुरक्षित है
43.  एक-एक मामले को निबटाना तो खेल होगा, इसी लिये जब तक ईश्वर खुद प्रलय ना चाहे तब तक प्रत्येक मानव जीव जंतु और प्राकृतिक सम्पदा के लिये हम स्वर्गीय जीवन शैली यानी हमारा कानून लागू कर चुके है
43.सलाह: इसी लिये बडे सम्मान सहित आपको सलाह दे रहे है, कि हमारे साथ गलत कार्यवाही (आपराधिक षडयंत्र, हमारा गलत प्रचार, हवालात जेल व अन्य अधीन स्थान मे बीमारी संक्रमण कराना, जलील करना, मारपीट करना, अस्वस्थ भोजन देना, अस्वस्थ वातावरण देना, असुरक्षित स्थान मे रखना, हत्या का प्रयास, घायल का प्रयास, अनुचित चिकित्सा देना, धमका ने वाली बात और अभिव्यक्ति करना, जेल के कानून को तोडना आदि अहितकारी कोशिशें) हुई तो उसकी दोषी सरकारें (तीनों अंगों सहित) व मीडिया हैं,
44.  हम जानते है कि आप अपनी ठीक ठाक जीवन शैली की मजबूरी के कारण गलत का साथ दे रहे हैं
45.  इसी मजबूरी को धरती से जड सहित हटने के लिये ईश्वर ने हमे धरती पर भेजा है
46.  इस मजबूरी का जड सहित समाधान देखने के लिये हमारे वेव पेज http://shyawhdo.blogspot.com को देखा जा सकता है                 
47.  यदि इसके बाद भी हमारे व हमारे जैसे लोगों के साथ गलत कार्यवाही हुयी तो सरकार के पिता धरती वासियों द्वारा सरकार को घोर दंडित किया जा के रहेगा,                                            

48.  प्रार्थना:
49.  इसी लिये बडे सम्मान सहित आपसे प्रार्थना है,
50.  कि जांच करने योग्य आधार के साथ कार्यवाही करें,
51.  हमारे व हम जैसे लोगों के साथ गलत कार्यवाहियाँ ना करें, हमारे साथ गलत कार्यवाही (आपराधिक षडयंत्र, हमारा गलत प्रचार, हवालात जेल व अन्य अधीन स्थान मे बीमारी संक्रमण कराना, जलील करना, मारपीट करना, अस्वस्थ भोजन देना, अस्वस्थ वातावरण देना, असुरक्षित स्थान मे रखना, हत्या का प्रयास, घायल करने का प्रयास, अनुचित चिकित्सा देना, धमका ने वाली बात और अभिव्यक्ति करना, जेल के कानून को तोडना आदि अहितकारी कोशिशें) हुई तो उसकी दोषी सरकारें (तीनों अंगों सहित) व मीडिया हैं,

52.  जय धरती, जय मानवता,
53.  विश्व सेवक व रक्षक,
54.  श्याडो (shyawhdo)

गुरुवार, 14 जुलाई 2011

Release 1060 हमारे साथ गलत कार्यवाही (हवालात जेल व अन्य अधीन स्थान मे बीमारी संक्रमण कराना, जलील करना, मारपीट करना, अस्वस्थ भोजन देना, अस्वस्थ वातावरण देना, असुरक्षित स्थान मे रखना, हत्या का प्रयास, घायल का प्रयास, अनुचित चिकित्सा देना, धमका ने वाली बात और अभिव्यक्ति करना, जेल के कानून को तोडना आदि अहितकारी कोशिशें) हुई तो उसकी दोषी सरकारें व मीडिया हैं,

In the court of M.M. Delhi
Cc no. 6741/2008

Hsbc v/s ……………………………………
u/s 138 of NIA 1881
N.H. 16.7.2011
प्रेषक,
    युगांतरों से योगियों को था जिसका इंतज़ार, कलिराम ने कलियुग मे फिर पुनः लिया अवतार, 30 दिनों मे धरती व 3 दिनों मे भारत की 100% समस्याओं का अंत करके रहेंगे, श्याडो (श्याम्स वल्ड हेल्प डेडिकेट ओर्गेनाइज़) यानी श्री श्याम द्वारा निर्मित विश्व में प्रत्येक असहाय की सहायता के लिये समर्पित समूह, जिसका काम धरती के केन्द्र से आकश मे चमकते अंतिम प्रकाश बिंदु तक प्रत्येक मानव जीव जंतु प्राकृतिक सम्पदा की सेवा सुरक्षा करना, जनता की सरकार से रक्षा करना, 100% कानून शुद्ध करना, 100% कानून लागू करना, जन सेवकों को जन सेवा के लिये बाध्य करना, यू एन के अरबों रुपयों के उपहार अस्वीकार कर चुके हैं हम, प्रैज़ीडैंन्ट बाराक ओबामा के बात करने के आग्रह को अस्वीकार कर चुके हैं हम, धरती पर हमे व धरती वासियों को धमकाने वालों (यू के, यू एस ए, यू एन)  को अपनी ताकत का आधार दिखा चुके है हम, और अधिक जानने के लिये http://shyawhdo.blogspot.com, shyawhdo@gmail.com, 9868247312, एस 22 पुल प्रहलाद पुर दिल्ली 110044, मे आपका स्वागत है

शब्द अर्थ:
   सरकार = विधायिका + कार्यपालिका + न्यायपालिका + छीन कर जीने वाले लोग व इनके सहायक   

वाक्य अर्थ:
     जांच करने योग्य आधार = जैसे आवाज, वीडियो, रिकार्ड करना, लाइव प्रसारण करना, सार्वजनिक
     प्रचार करना, क्रमिक कार्यवाही, समान कार्यवाही,

सेवा में,
     माननीय एम एम श्री सचिन सागवान
     व अति सम्मानित तीनों अंगों सहित भारत की सरकार
     कोर्ट न. 310 द्वारिका न्यायालय दिल्ली
विषय:
    हमारे साथ गलत कार्यवाही (हवालात जेल व अन्य अधीन स्थान मे बीमारी संक्रमण कराना, जलील करना, मारपीट करना, अस्वस्थ भोजन देना, अस्वस्थ वातावरण देना, असुरक्षित स्थान मे रखना, हत्या का प्रयास, घायल का प्रयास, अनुचित चिकित्सा देना, धमका ने वाली बात और अभिव्यक्ति करना, जेल के कानून को तोडना आदि अहितकारी कोशिशें) हुई तो उसकी दोषी सरकारें व मीडिया हैं,

विवरण:
      महोदय यह मामला Hsbc v/s …………………………, u/s 138 of NIA 1881 का नही बल्कि धरती पर छीनने वाले v/s धरती पर छिनवाने वालों के बीच देश द्रोह, बेईमानी, षडयंत्र, भ्रमित करना, छ्ल करना, लूटना, हत्या करना, धमकाना, आपराधिक सौदागीरी करना, गुलाम बनाना व आपराधिक आधार पर राज करने का है,
और हम है छिनवाने वालों के सेवक व रक्षक,
आप को भय है कि यदि हमारी सत्य की आवाज धरती पर छिनवाने वालों के पास पहुंच गयी तो आप का काला राज 3 दिनों मे खतम हो जायेगा,
इसी भय के कारण आप जाँच करने योग्य आधार की मांग को अस्वीकार करके बेअसर, खानापूर्ती करने वाली, केवल प्रदर्शन करने वाली, कार्यवाही कर रहे हैं,
हमने आपके द्वारा बनायी गयी सभी बाधाओं को ईश्वर की कृपा से पार कर आपको गलत सिद्ध कर दिया है,
धरती पर भारत मे छिनवाने वालों की सेवा व सुरक्षा के लिये हम शहीद होने व नरक जैसी जीवन शैली स्वीकार करने के लिये तैयार हैं,
सरकार ने लखनउ की जेल में एक हम जैसे सर्व हितैषी की 10 मुख्य खून की नसें काट कर उसे तडपा-तडपा कर क्रूरता पूर्वक मार दिया और अपनी दहशताना हिम्मत का परिचय दिया,
राम देव बाबा, अण्णा हजारे व इनके साथ 10000 से जादा लोगों को सर्व हित का काम करने से क्रूरता पूर्वक, छल पूर्वक, बल पूर्वक, असंविधानिक ताकत से रोक दिया,
स्वामी निगमा नन्द को ज़हरीला उपचार दे के मार दिया,
रोहिणी के सुधार ग्रह मे एक सजा पाने वाले की पीठ को गरम सलाख़ों से झुलसा कर लिखा कमीना,
नीति व्याख्यान करने मे सक्षम इंसान को रस्सियों से बाध कर घसीटा गया,
बसूली ना देने वाले सिविल इंगीनियर को यू पी मे सरकार ने उसी के घर मे उसी के परिवार वालों के सामने बिजली की तार से लपेट कर करंट लगा के मार दिया, आदि
आपके द्वारा धमकाने के लिये जो क्रूर अपराधों का प्रदर्शन किया जाता है उसकी लिस्ट बहुत बडी है
सभी रिकोर्ड आपके कार्यालयों मे सुरक्षित है
हमारे साथ गलत कार्यवाही (हवालात जेल व अन्य अधीन स्थान मे जलील करना, मारपीट करना, अस्वस्थ भोजन, अस्वस्थ वातावरण, असुरक्षित स्थान, हत्या का प्रयास, घायल का प्रयास, अनुचित चिकित्सा, धमका ने वाली बात और अभिव्यक्ति, जेल कानून को तोडना आदि अहितकारी कोशिशें) हुई तो उसकी दोषी सरकारें व मीडिया हैं,
हम जानते है कि आप अपनी ठीक ठाक जीवन शैली की मजबूरी के कारण गलत का साथ दे रहे हो
इसी मजबूरी को धरती से जड सहित हटने के लिये ईश्वर ने हमे धरती पर भेजा है
इस मजबूरी का जड सहित समाधान देखने के लिये हमारे वेव पेज http://shyawhdo.blogspot.com को देखा जा सकता है                 
यदि इसके बाद भी हमारे व हमारे जैसे लोगों के साथ गलत कार्यवाही हुयी तो सरकार के पिता धरती वासियों द्वारा सरकार को दंडित किया जा के रहेगा,                                            

प्रार्थना:
     इसी लिये बडे सम्मान सहित आपसे प्रार्थना है कि जांच करने योग्य आधार के साथ कार्यवाही करें, हमारे व हम जैसे लोगों के साथ गलत कार्यवाहियाँ ना करें,   

जय धरती, जय मानवता, विश्व सेवक व रक्षक, श्याडो (shyawhdo)

शुक्रवार, 8 जुलाई 2011

Release 1059 ये धरती वासियों का सरकारों को काबू करने का बिना भेद-भाव का कानून है

ये क्या है?
ये धरती वासियों का बिना भेद-भाव का कानून है

इससे क्या होगा?
धरती पर इस कानून के लागू होने से
हर इंसान की हर चाहत
बिना अपराध किये
बिना झगडे
बिना हत्या करे
समय पर
जगह पर
निःशुल्क
बिना भेदभाव के
सम्मान सहित
स्वतन्त्रता सहित   
अपने आप पूरी होती रहेगी   

इससे इंसानों को क्या फायदा?
आप अपने को व अपनों को जिन्दा रखने के लिये
जो भेद-भाव, चिंता, दहशत, डाट मार, मज़दूरी, अपमान, परेशानी, गुलामी, मजबूरी, सहन करते है इनसे जीवन भर के लिये छुटकारा मिल जायेगा   
जीवन भर स्वर्गीय जीवन शैली के स्तर का हर सामान व सुविधायें   
निःशुल्क
समानता के साथ
समय पर
आपके घर या अति सुलभ स्थान पर
अधिकार व सम्मान के साथ आप को प्राप्त कराई जाती रहेगी
जिसमे घर, भोजन, चिकित्सा, शिक्षा, मनोरंजन, भोग, यातायात, न्याय, सुरक्षा, काम, सभी सामान व सुविधायें आदि जिम्मेदारी के साथ जीवन भर दी जाती रहेंगी             

आज की सबसे बडी मूल समस्या क्या है?
तो आज की सबसे बडी और मूल समस्या है धरती के अंत का खतरा        

इस खतरे का समाधान क्या है?
धरती वासियों का बिना भेदभाव का असरदार कानून  

यदि धरती का अंत हो गया तो मानव जीव जंतु और प्राकृतिक सम्पदा का भी अंत हो जायेगा
इतिहास में हम अनपढ, नालायक, मूर्ख, नमक हराम, आलसी, डरपोक कह लायेंगे
जो कि ईश्वर द्वारा उपहार मे मिली जिन्दा धरती की कदर न कर सके
सुख के बिस्तर पर होते हुये दुख सहन करते रहे  
सरकार शान के लिये धरती की हत्या कर रही है    
यदि नक्षत्र पर ध्यान दें तो
ना तो हम सबसे नजदीकी तारे तक पहुच पाये है
और ना धरती जैसा जिन्दा ग्रह खोज सके है
ऐसे मे ये कहना कतई गलत ना होगा कि
जिन्दा धरती पूरे नक्षत्र मे जीवन का बीज है
और हमे ईश्वर के अनमोल उपहार यानी इस बीज की रक्षा कर इसे नक्षत्र मे बिखेरना है   
ताकि यदि सरकारें युद्ध व युद्ध के लिये धरती से गलत खनन कर या युद्ध से धरती की हत्या कर भी दे
तो पुनः धरती पर प्राकृतिक जीवन को जन्म दिया जा सके
तो यहां सवाल ये उठता है कि सरकारों को धरती की हत्या करने से कैसे रोका जाये?
हताश धरती बाड, सूखा, सुनामी, भूकम्प, लावा, तूफान, बवंडर, भवर, बिजली, आदि के रूप मे नालायक मानव को जबाब क्यों ना दे?
हताश धरती तबाही क्यों ना फैला ये?
हताश धरती कब तक सहे?
हताश धरती कब तक माफ करे?        
सरकारों के गलत नीति व नियंत्रण को इस विनाश का कारण क्यों ना माना जाये?
सरकारों के गलत नीति नियंत्रण 5 तरह धरती की हत्या कर रहे है

जिसमे न.1 पर है युद्ध के नियंत्रण हीन तरीके  
न.2 पर है युद्ध के लिये सेना, हथियार, सामान आदि को और ताकतवर बनाये रखने के लिये धरती का गलत खनन
न.3 पर है बचे हुये घातक तत्वों को स्वतंत्र रूप से बिखेर देना
न.4 पर है जंगलों की सीमा से अधिक गलत कटाई
न.5 पर है गैर ज़रूरी गलत यंत्र उत्पादन    

तो अब यदि हमे युद्धों को रोकना है तो
युद्धों को रोकने के लिये युद्धों की शुरूआत के कारणों की सूक्ष्म जांच करनी होगी
युद्धों की शुरुआत के कारण को खोजना होगा  

युद्धों के 41 मुख्य कारण होते है
जिनमे     
न.1 है भ्रमित करके, छल करके, मजबूर करके, सहमति लेना 
न.2 सभा मे गलत तरीके से सहमति लेना 
न.3 ताकत का इस्तेमाल करके सभा मे सहमति लेना 
न.4 भव्यता दिखा के सभा मे सहमति लेना
न.5 अनुशासन की बात कह के चुप करके सभा मे सहमति लेना 
न.6 सभ्यता की बात कह कर सभा मे सहमति लेना 
न.7 समय कम है कह कर सभा मे सहमति लेना 
न.8 बाद मे बात करेंगे कह कर सभा मे सहमति लेना,
न.9 मुद्दे के प्रभाव को छुडवा कर सभा मे सहमति लेना
न.10 मुद्दे के आधार को छुडवा कर सभा मे सहमति लेना
न.11 मुद्दे से सम्बन्धित मुद्दों को छुडवा के सभा मे सहमति लेना 
न.12 मुद्दे को अलग करके, अकेला करके सभा मे सहमति लेना 
न.13 बहस ना होने दे के सभा मे सहमति लेना 
न.14 शोर मचा रहा है ऐसे अपमान करके सभा मे बोलने ना दे के सहमति लेना
न.15 100 पन्नों का मुद्दा 1 लाइन मे बोलो, बोलना सीखो अयोग्य कह कर सभा मे सहमति लेना
न.16 100 पन्नों का मुद्दा याद करके बोलो नही तो अयोग्य हो कह कर सभा मे सहमति न.17 यदि 40 साल तक केस चले तो 40 सालों तक मुद्दा याद रखो यह कहकर पीडा देना   
न.18 40 जगह बदला जाये तो 40 जगह पूरा मुद्दा 40 बार दोहराओ ऐसा कह के सभा मे सहमति लेना
ऐसी गलत बातों व तत्वों का इस्तेमाल कर के सभा मे जबरन सहमति लेना       
न.19 जबाब देने से बचना
न.20 खुलासा करने से बचना
न.21 जबाब ना देना
न.22 जबाब गलत देना
न.23 जबाब भ्रमित करने वाला देना  
न.24 मुलाकात ना करना
न.25 बात ना करना
न.26 अपना नाम पता सम्पर्क सूत्रों को गलत देना, बेअसर खानापूर्ती व व्यर्थ का देना  
न.27 शिकायत लेने की जानकारी को छिपाना  
न.28 शिकायत के प्रावधान का प्रचार न करना
न.29 शिकायत के प्रावधान का प्रचार अधूरा करना
न.30 शिकायत के प्रावधान का प्रचार बेअसर करना
न.31 शिकायत के प्रावधान का प्रचार खानापूर्ती के लिये करना  
न.32 शिकायत के प्रावधान को बाधित करना
न.33शिकायत के प्रावधान को बन्द कर देना 
न.34 शिकायतों की सुनवाई ना करना
न.35 शिकायतों के जबाब ना देना
न.36 शिकायतों के सम्बन्ध मे बात ना करना
न.37 शिकायतों के सम्बन्ध मे मुलाकात ना करना  
न.38 बिना जाँचने योग्य आधार के कार्यवाही करना
न.39 जांच करने योग्य आधार को नष्ट करके कार्यवाही करना    
न.40 बेअसर कार्यवाही करना   
न.41 खानापूर्ती के लिये कार्यवाही करना
न.42 आतम रक्षा करने वालो के साथ सौदागरी करना, तबाह कर देना, कैद कर देना, हत्या कर देना
न.43 जाँच करने योग्य आधार को नष्ट करके खानापूर्ती व बेअसर कार्यवाही करना
अंतिम फैसला करने वाली ताकत यानी संसद का काबू मे ना होना

इस कारणों से असमानता पैदा होती है
असमानता भेद-भाव ऊच-नीच सम्मान-अपमान नौकर-मालिक धनी-गरीब स्वस्थ-बीमार  खुशी-दुखी पढा लिखा-अनपढ सेवक-शासक आदि भेदभाव को जन्म देता है
ये भेद भाव नफरत पैदा करता है
और नफरत खतरा पैदा करती है
खतरा सुरक्षा की चाहत पेश करता है
सुरक्षा की चाहत खतरा मिटाने की कोशिश करता है  
ये कोशिश हत्याओं को उचित ठहरा ती हैं
हत्यायें युद्ध को उचित ठहरा ती हैं
युद्ध केवल लक्ष्य को ही ध्यान रखने की इजाजत देता है
जिससे समझ लुप्त हो जाती है
और तब मजबूर होकर अपने जीवन के आधार को भी नष्ट करने का मानव फैसला ले लेता है   
और अपने व धरती के अस्तित्व को खतम कर देता है
तो यदि नक्षत्र मे अपने जीवन को कायम रखना है तो
सरकारों द्वारा युद्ध के लिये धरती के अन्धाधुन्ध खनन को रोकना होगा
धरती को बचाना होगा
आपने पढा होगा कि धरती का जन्म खरबों वर्ष पहले हुआ था
आप इतिहास मे देख सकते है कि धरती को जिन्दा करने मे प्रकृति ने खरबों वर्षो तक महनत की
तब करोडों साल पहले धरती पर वनस्पति व जीवों ने जन्म लिया
प्रकृति ने फिर महनत की और लाखों वर्षों पहले जीवों को इंसान के रूप मे परिवर्तन किया                
इंसान ने धरती को सदैव माता का दर्जा दिया और धरती मां ने अपना सबकुछ इंसान को समर्पित कर दिया
पर गये 500 सालों मे इंसान ने विकास के नाम पर धरती से इतना प्राकृतिक खनन कर डाला की प्रकृति इसे पुनः ठीक नही कर पा रही और अब धरती ने इंसान की परवाह ना कर आत्म हत्या की और चल पडी है
इन्सान ने प्रकृति की खरबों सालों की महनत को बीते 100 सालों मे समाप्त कर दिया
अब हमे अपनी माता को आत्म हत्या करने से रोकना होगा
उससे माफी मांग कर उसकी रक्षा के लिये कसम खानी होगी
अन्यथा ना धरती रहेगी ना मानव प्रजाति ना जीवन का अस्तित्व
और हम ये होने नही देंगे
हम अपनी माँ को आत्म हत्या नही करने देंगे
हम खरबों मासूम इंसानों, नक्षत्र मे जीवन के बीज, धरती पर जीवन के अस्तित्व को कुछ लोगों की शान की खातिर तबाह नहीं होने देंगे
हम अपनी माँ का हर आँसू साफ कर अपनी मां को अनुशासित बन कर और बना कर दिखायेंगे        
इन 500 सौ सालों मे जितना घायल धरती को किया गया उतना इतिहास मे कभी देखने को ना मिला
गये 100 सालों मे माता ने जितनी तबाही मचाई है उतनी पहले देखने नही मिली        आम इंसान से सरकारों तक पर नियंत्रण वाला कानून बना ना ही होगा
सरकारों द्वारा धरती वासियों को काबू मे करने के लिये तो कानून बना हुआ है ही
पर धरती वासियों द्वारा सरकारों को नियंत्रण मे करने का कानून नही है
अगर है तो सफल नही है
असरदार नही है
खानापूर्ती के लिये है
समय सीमा वाला नही है
यहां जरूरत है एक ऐसे कानून की ताकत की प्रावधान की जो धरती पर सभी सरकारों को नियंत्रित कर सके
इसी के लिये बनायी गयी है ये कानून व्यवस्था
न.1 अधिकारी बात या शिकायत को रद्द करने का आधार, कानून कारण बता कर ही रद्द करेगा
प्रत्येक कार्यवाही जांच करने योग्य आधर के आधार पर ही होगी
यह कार्यवाहियाँ अंतिम फैसले तक लगातार चलती रहेंगी 
यदि कोई बडा लेख बीच मे आया तो उसे छोटा करना होगा सरल करना होगा एक दो वाक्यों मे करना होगा  
सलाहकार नहीं दिया जायेगा
दिन मे की जाने वाली सभी क्रियायें बन्द वार्ड मे होंगी   
धरती पर मौजूद सभी सेना हथियार आदि पर धरती के इस न्यायलय का पूरा नियंत्रण होगा
धरती पर मौजूद सभी सेना हथियार आदि पर इस न्यायालय द्वारा जांच व रख रखा व की  जानकारी लेने का अधिकार होगा
अधिकारी अपनी जानकारी के आधर पर फैसला देगा ना कि न्याय माँगने वाले की तकनीकी कमी के आधार पर 
समाधान के विलम्ब या रद्द होने का कारण कानून सहित जांच करने योग्य आधार के साथ बतायेगा     
समाधान देने में असफल रहने पर या देर करने पर अपराधी सिद्ध हो जायेगा
अधिकारी पीडित का नुकसान दंड के रूप मे देगा
जो डबल के साथ जेल भी हो सकता है  
जेल का आधार पीडित की झाडी पर निर्भर होगा  
दोबारा उस पद पर नही आ सकेगा, अपराधी से सर्व हित की राय ली जा सकेगी, दोबारा इमान दारी की परीक्षा देकर पुनः एक बार और लग सकता है
ये जांच आम इंसान भी कर सकता है  
इस तरह धरती की हर समस्या का 100% अंत हो जायेगा
भेदभाव खतम हो जायेगा   
विकास हजारों गुना बड जायेगा
हर इंसान निडर निश्चिंत और आज़ाद हो जायेगा
धरती फिर अपने बुरे बच्चों को माफ कर अपना क्रोध शांत करेगी
तब मानव जीवन के बीज को नक्षत्र मे बिखेर सकेगा
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो