सोमवार, 4 नवंबर 2019

Matter : 1423 420 सालों से आयवर्ष की व्यवस्था वर्ग के नरों का नर-सन्घार, अयोज्ञीकरण, अधीनीकरण कर कुव्यवस्था को जारी रखा जाता आ रहा है




420 सालों से
आयवर्ष की व्यवस्था वर्ग के नरों का
नर-सन्घार, अयोज्ञीकरण, अधीनीकरण कर
कुव्यवस्था को जारी रखा जाता आ रहा है
इस नर-सन्घार, अयोज्ञीकरण, अधीनीकरण, कुव्यवस्था को रोक
पुन; दीर्घायू, पोइज़नलेसबोडी, अत्याधुनिक, एजुकेटेड-इन्टेलीजेन्टकल्चर, स्पेसलिवेबलसाइन्स, हैप्पीस्टाइलिसलाइफ़स्टाइल, के विकास के लिये
अत्याधुनिक सक्सस्फ़ुल्ल वर्ज़न
द श्रीपक ओमनी सिस्टम
जारी है

बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

Matter : 1421 लौगार्ड हैड क्वार्टर के शिकायत सुझाव केन्द्र के सिवाय, लौगार्ड पर आरोप लगाने कारावाही करने के समय तक, जिस भी टैरेटरी पर जो भी विधिविधान **लौ एन्ड और्डर** लागू है, उन के तैहैत, उस स्थान की कारावाही व्यवस्था, लौगार्ड पर कोई भी आरोप नही लगा सकती,


हे, आतन्कित, अन्जान, जैहैर खाये असक्षम, फ़से, सीमित, बेबस, गुलाम, गलत कुव्यवस्थाई लोगो
आप मात्र अग़्यात सन्घारी व खुद के वर्ग के लिये ही काम करते आ रहे हो
आप अपने विपक्षी वर्ग
जिसके तैहैत **स्वामीवर्ग, कस्टमरवर्ग, पार्ट्नरवर्ग, पार्टीवर्ग, शेअरहोल्डरवर्ग, आतन्कितवर्ग , अन्जानवर्ग , जैहैर खायेवर्ग , फ़सेवर्ग , सीमितवर्ग , बेबसवर्ग , गुलामवर्ग** हैं
के साथ गलत करते चले आ रहे हो
इस लिये विपक्षि वर्गों द्वारा आप को सन्घर्ष कर जबरजस्ती बारबार पदच्युत करने की कुव्यवस्था की जानकारी दी जाती आ रही है
पर आप अग्यात हथियारबन्द हमलावरों के खौफ़ से चिन्तित हो उनके लिये गलत काम करते हुये अपने अपने अड्डे पर अपना अपना मोर्चा सम्हाले हुये हो
यहां ये साबित हो चुका है कि आपका अग्यात हथियारबन्द हमलावरों से सम्बन्ध हैं
तो यहां ये फ़िर से साबित होता है कि अग़्यात हथियारबन्द हमलावर* आप* और आपके तैहैत भ्रष्ट व अपराधी वर्ग* ये तीनों ही वर्ग कुव्यवस्थाई हैं
अब व्यवस्था शुद्धिकरण का एक रास्ता ये है कि विपक्षी वर्ग चीटियों की तरह तुम्हें तडपा तडपा के नौच नौच के खाये
दूसरा ये है कि आप विपक्षी वर्ग को अपना समझ कर तहे दिल से लगन से इमानदारी से उनके लिये काम करो
उनके आदेशों का पालन करो यानी शिकायतों को दूर करो
हमें पता है कि तुम कल फ़िर से पलटी मारोगे
पर हमे ये भी पता है कि कल फ़िर से तुम्हारे लिये काम करने वालों में से किसी एक बिगडैल लडैल नवाव की आत्मा जागेगी
और वो तुम से फ़िर से अपने IPS IAS IIM & NSA व फ़िल्मी अन्दाज में सीखे स्टाइल में कुव्यवस्थापकों से व्यवस्थाई काम करायेगा
सभी यूनिवर्सल, ग्लोबल, नैसनल, स्टेट, डिसस्ट्रिक्ट, डिविज़न, स्टेसन, आदि व्यवस्थाई इकाइयों व निजि जन को सूचित किया जाता है कि
यदि वे कुछ पूछना, स्पस्टीकरण करना, सन्देह दूर करना, शिकायत व सुझाव देना चाहें तो दे सकते हैं 
यदि किसी आतन्कित, अन्जान, जैहैर खाये, फ़से, सीमित, बेबद, गुलाम, गलत लोगों के वर्ग यानी आप कुव्यवस्था ने 
बार बार सन्घारी, भ्रष्टाचारी, अपराध, अनियमितता, अव्यव्हारिकता, दुषाचरण, बेइमानी, इरादतन जीवन व्यवस्था विरोधी कुछ भी गलत किया
तो उसे सीधा श्रिष्टि व्यवस्थापक के टोपएक्सनसीलओफ़्फ़िसर्स **लौगार्ड**  द्वारा, वैध प्रसारण सहित, क्रमानुसार, हालातानुसार पदच्युत, अर्रैस्ट, इन्क्वायरी, इन्टेरोगेट, दन्डित,
तडीपार, अन्डर्ग्राउन्ड, सूट व ब्लास्ट सहित उडाया जा सकता है

लौगार्ड हैड क्वार्टर के शिकायत सुझाव केन्द्र के सिवाय,
लौगार्ड पर आरोप लगाने कारावाही करने के समय तक,
जिस भी टैरेटरी पर जो भी विधिविधान **लौ एन्ड और्डर** लागू है,
उन के तैहैत,
उस स्थान की कारावाही व्यवस्था,
लौगार्ड पर कोई भी आरोप नही लगा सकती,
कारावाही नही कर सकती,
कारावाही में बाधा नही पहुंचा सकती,
यदि ऐसा हुआ तो उसे भी श्रिष्टि प्राणी न्याय व्यवस्था के साथ
सभी यूनिवर्सल, ग्लोबल, नैसनल, स्टेट, डिसस्ट्रिक्ट, डिविज़न, सब्डिविज़न, स्टेसन, आदि व्यवस्थाई इकाइयों
व निजि जन की जीवन व्यवस्था का दुश्मन मानते हुये
वहीं पदच्युत, अर्रैस्ट, इन्क्वायरी, इन्टेरोगेट, दन्डित, तडीपार, अन्डर्ग्राउन्ड, सूट व ब्लास्ट सहित मुक्त किया जा सकता है
जो    व्यवस्था शुद्धिकरण व एक्सनऔफ़दवल्डगोवर्न्मेन्टऔफ़श्याडो   कैहैलायेगा      

ये लौगार्ड **श्रिष्टि प्राणी धन व्यवस्था** जो कि **वल्ड बैन्क मैनेज़्मेन्ट** का शुद्ध वर्ज़न है
व अवैध रूप से लूटा, छुपाया, लुप्त धन, सामान, सुविधाये, धरोहर, सन्धियां, खजाना, सम्पत्तियां,
सम्पदा, गुलामी काल, की विद इन्ट्रेस्ट वर्चुअल वैल्यू का इस्तेमाल कर खतरनाक पर वैभवशाली, टोपस्टार,
जीवन जीते हुये हर व्यवस्थापक का विकास व कुव्यवस्थापक का उसकी स्वेक्षा पर मुक्ति करेंगे

चैहैरे के आचरण तक को भी बिगडने नहीं देंगे
जितना तै किया है तूने उतना हिसाब तो लेंगे

क्यों कि मामला मानवीय व्यवस्था का है
श्रिष्टि प्राणी न्याय व्यवस्थापक
श्रीपक

मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

Matter : 1420 हर महिला-एडिटर वर्ग व उनके सम्बन्धियों को इनके विरोधी पुरुष-एडिटर वर्ग के लोगों की तरह घर, साइट, ओफ़्फ़िस, इन्डस्ट्री, फ़ार्म, स्टेसन, रैली आदि में काम करके इन्कम रिपोर्ट व आउटडोर लाइसेन्स रैगुलर मैन्टेन करना होगा


महिलायें व पुरुष एक दूसरे को अपने तैहैत रख सन्घार/मुक्ति करते आ रहे हैं
आज भी अलग अलग सीमाओं में ये सन्घार/मुक्ति करना जारी है
कहीं महिलायें तो कहीं पुरुष प्रधान रैह ये करते आ रहे हैं
इसका कारण कुव्यवस्था है यानी हर प्राणी को फ़ंसाना, जोतना, लूटना, कतल कर देना
चाहे पुरुष एडिटर की रामायण, कुराण, बाइबल आदि हो
या महिला वर्ग की रोमी-जूलिअट, लैल-मजनू, सलीम-अनारकली, देवदास-पारो, कोन्स्टिट्यूसन, एक्ट, रूल आदि
पर सत्य, मैज्योरिटी, माहौल ये है कि महिला एडिटर पुरुष एडिटर का सामना ना तो कर पाई थी ना कर पाई है ना कर पायेगी
क्यों कि उसकी आश्रित रैहैने की, कराकर जीने की, मैहैल भोगने की, फ़ैसन व श्रिन्गार करने की, अलग दिखने की, अट्रैक्सन पैदा करने की
चाहत, आदत, शौक, इक्षा आदि है
इनका इस्तेमाल इनकी कमजोरी व इनका त्याग ताकत है
इन इक्षाओं की पूर्ती के लिये ये महिला एडिटर वर्ग षडयन्त्र छल व समझौते का इस्तेमाल करती आ रही हैं
पैहैले ये महिलाओं को सिखाया जाता है फ़िर कराया जाता है असफ़ल रैहैने वालीयों का सन्घार कर दिया जाता है
यहा पर सीखी महिलाये मरते दम तक अपने सीखे हुये के अनुसार सन्घार कर जीवन जीती हैं
परिणाम स्वरूप विरोधी पुरुष वर्ग का घोर सन्घार जारी है
पर अब ऐसा जारी नहीं रैहै पायेगा
ये महिलायें ऐसा नहीं कर पायेंगी
ऐसा नहीं है कि इन महिला वर्गियों को सामूहिक मुक्तिकरण हेतु किये जाने वाले मुक्ति यज्ञ की आहुति बना कर सामूहिक मुक्ति यज्ञ में स्वाहा कर दिया जायेगा
बल्कि अत्यन्त सरल मानवीय प्रावधानों के तैहैत इनके षडयन्त्रों छलों समझौतों को उजागर कर 
इन्हें भी विपक्षियों के समान खतरनाक, त्यागी, जलीली, कान्ट-लाइक-फ़ीलिन्ग, आदि जैसे कामों को करा कर इनकम प्रूफ़ एक्ट के तैहैत इनकम की रिपोर्ट
व आउट ओफ़ होम लाइसेन्स प्रस्तुत करने को विवस किया जायेगा
परिवार के सभी सदस्य घरेलू व इनकम के कामों व भोगों को समानता से करेंगे व भोगेंगे 
महिलायों के षडयन्त्र, छल, समझौतों व असमान इक्षाओं को समाप्त किया जायेगा
महिला वर्ग अपनी किसी भी असमान इक्षा की पूर्ती के लिये
पर्दा करना/समर्पण करना, विरोध करना/समर्पण करना, भाव खाना/पट जाना, इन्कार करना/मानजाना, झलक दिखाना/सौदा करना, फ़ोल्लो कराना/सौदा करना
मेकप, फ़ैसन, नाच, गाना, मूव, अट्रेक्टिव फ़ोटो, विडिओ, औडिओ व एक्ट करना,
विरोधी के खिलाफ़ पुत्र, भाई, फ़्रैन्ड, किन्नर, महिला वर्ग आदि का अवैध बल उपयोग करना व सौदा करना
यानी प्रोस्टो एन्ड सपोर्टेड क्रिमिनल एक्टिविटीज़, वैष्याई हर्कतें नही कर सकेगी
व्यवस्था बनाये रखने के लिये आकर्षण व आकर्षण बनाये रखने के लिये विवाह के तैहैत रीति रिवाजो के तैहैत सीमित उचित कथाओं के अनुसार
दायरे में किसी हद तक गैरआपत्ती जनक ऐसा किया जा सकेगा
ताकि महिलावर्ग अपने विरोधी वर्ग व स्तेमाल किये जा चुके मालिक व बुजुर्ग वर्ग की विरासत लूट कर व लूटने के लिये सन्घार ना कर सके
और वही स्तेमाल किया जा चुका स्मार्ट, ग्रेट, जीनिअस, सुलझा, मालिक व बुजुर्ग वर्ग भी महिला वर्ग की तरह समानता से अपनी सभी इक्षाये पूरी कर सके
ये सब बहुत पैहैले ही लागू किया जा चुका है व फ़िर से स्मरण कराया जा रहा है
एडिटर ही व्यवस्थापक है और करप्ट-एडिटर कुव्यवस्थापक
पुरुषों के प्यार, शराफ़त, ईमानदारी, महानता, ताकत, समानता, मैहैनत, कुर्बानी व व्यवस्था को उनकी बेवकूफ़ी समझने वालों के लिये होरर सीन सुरक्षित हैं
जिन्हें टाइम टू टाइम अपग्रेड किया जाता रहेगा
श्रिष्टि व्यवस्थापक
श्रीपक

सोमवार, 28 अक्टूबर 2019

Matter 1419 Shripak Propose to Actress Poojaa Bhatt

Matter: 1418 कि रक्षक उसी इन्सान की रक्षा के लिये समय पर पहुच सकता है जो रक्षक के नक्से, रेडार में दिखता आया हो, सम्पर्क में रैहैता आया हो, टच में रैहैता आया हो, टाइम टू टाइम अपने हालातों की सही जानकारी देता आया हो,



हर इन्सान सीधा और मासूम ही होता है
एक सीधा सा मासूम लडका
सन्घारियों को सरकारी समझ कर
23 सालों तक जानवर बन कर उनके लिये
सही-गलत अच्छे-बुरे काम करता कराता मरता मारता रहा
उसके पिता ने उसे सन्घारियों के माहौल से बचाने की बहुत कोशिश की
पर सन्घारियों ने उसे भी जैहैर धोखे व षडयन्त्रों से असक्षम बनाना जारी रखा था
सन्घारी ने उस लडके व उसके पिता को लडा कर अलग करना जारी रखा 
जब भी वह पिता लड्के को समझाने सिखाने गलत को रोकने के प्रयास करता
तब तब सन्घारी उस बच्चे की जैहैर व धोखे से याद मिटाकर बच्चे को पिता के खिलाफ़ भड्काता लड्वाता
तब 23 साल बाद उसके पिता ने इस रक्षा का उपाय निकाला और उस जैसे 8 अरब लोगों के लिये उपलब्ध कराया
कि रक्षक उसी इन्सान की रक्षा के लिये समय पर पहुच सकता है जो रक्षक के नक्से, रेडार में दिखता आया हो, सम्पर्क में रैहैता आया हो,
टच में रैहैता आया हो, टाइम टू टाइम अपने हालातों की सही जानकारी देता आया हो,
इसका मतलब ये है कि हर इन्सान को खास कर स्टूडैन्टस व काम पर जाने वाले 13 से सें 35 साल के लोगों को
अपने स्वास्थ, हैल्थ की, अपनी जगह की, साथ के लोगों की, कामों की, अपने खाने व दवा की, अपनी धन जायेजाद जेबर व सम्प्पत्ती की जानकारी
अपने रक्षक पिता गार्जिअन पुलिस आदि को देते रैहैना चाहिये
ताकि वह किसी हमले के होने से पैहैले ही उसे रोक सकें या बाद में मुजरिम भ्रष्ट व सन्घारी को दन्डित करा सके
रेप, वैश्याव्रित्ती, एमएमएस, एसिड अटैक, झपटमारी, मानव के शरीर के भीतरी अन्गों के लिये मर्डर,
किड्नैपिग, फ़्री लेबर, बन्धुत्व-गुलामी, फ़ोर्स्ली जोब, डरा धमका के कोई भी अपराध कराना, इन्कम राइट के लिये क्राइम कराना, ऐसा ज्यादातर जारी है
गुलामी करा इन्कम प्राप्त कर आपराधिक जीवन जीते रैहैने के लिये महिला वर्ग व मातायें अक्सर ये बातें छुपाकर रखती हैं       
यदि आप व आप की जानकारी में कोई ऐसा इन्सान है जिसका कोई ध्यान रखने वाला रक्षा करने वाला पिता पुलिस नेता शुभचिन्तक नहीं है तो
हमारे सम्पर्क सूत्रों का इस्तेमाल करें 9868247312, 8448338359, 9013727047
24सौ घन्टे 365दिन आप के अधिकारों का पिता के समान ध्यान रखने वाला
श्रिष्टि व्यवस्थापक
श्रीपक

रविवार, 27 अक्टूबर 2019

Matter: 1417 …क्या इस बार भी कलियुग श्रिष्टि व्यवस्थापक के सामने विलाप, क्षमायाचना, जीवनदान भिक्षा की अपील, न्रित्य, गान कर, व्यभशालाओं, मधुशालाओं, यातनाग्रहों, नगरपार कुख्यात स्थलों में जीवन व्यतीत करने की इजाजत लेने में सफ़ल हो जायेगा



एक अन्जान असुर की कठोर तपस्या ने
फ़िर से असुरों की सुरक्षा के लिये
श्रिष्टि व्यवस्थापक से
अमरित लेने के लिये
कठोर तप जारी रखा है
उसे लगया है कि वह इस बार भी इस कठोर तप के द्वारा श्रिष्टि व्यवस्थापक से
असुरों के लिये अमरित लेने में सफ़ल हो जायेगा
ये बता पाना तो बहुत मुस्किल है कि क्या होने वाला है
पर इतना तो साफ़ हो ही चुका है कि उस असुर की कठोर तपस्या का दर्द
श्रिस्टि व्यवस्थापक का ध्यान अपनी और खींचने में सफ़ल रहा है
श्रिष्टि व्यवस्थापक को ये सोचने पर विवस कर चुका है कि
चाहे ये असुरों का प्रतिनिधित्व कर्ता ही सही,
चाहे ये तप उसका षडयन्त्र ही सही
पर इस असुर के जितना चाहने वाला भक्त,
और असुरों के लिये इतना दर्द व जलालत सैहैने वाला
और असुरों के लिये मिटने को तैय्यार जां बाज़
अपनों का त्याग करने को तैय्यर
अपने आसुरी साम्राज्य के सुखों भोगों को त्यागने को तैय्यर 
ये उच्च गुणवक्तायें तो श्रिष्टि व्यवस्थापक को आज तक किसी भी सुर के अभिनन्दन व पूजन में भी नही मिली थी
क्या इस बार भी कलियुग श्रिष्टि व्यवस्थापक के सामने विलाप, क्षमायाचना, जीवनदान भिक्षा की अपील, न्रित्य, गान कर, 
व्यभशालाओं, मधुशालाओं, यातनाग्रहों, नगरपार कुख्यात स्थलों में जीवन व्यतीत करने की इजाजत लेने में सफ़ल हो जायेगा

ये असुरों का राजा अपनी सेना सहित आज तक हर असुरी कार्य को करता कराता आ रहा है और आगे भी करता रहेगा
पर साथ साथ श्रिष्टिव्यवस्थापक की कठोर तपस्या कर इस असुर ने अपनों सहित असुर वर्ग के लिये श्रिष्टिव्यवस्थापक की स्म्रिती में सेफ़ साइड बनाने में भी काफ़ी हद तक सफ़लता प्राप्त कर ली है
क्यों कि वह असुर जानता है कि सुरों की आंधी इस समय किसी भी असुर व असुरी वर्ग को निस्तोनाबूत करने में सफ़ल है
यानी ये असुर डिप्लोमेसी को इस्तेमाल करने का भी धुडन्दड सुपरडिप्लोमैटिक है 
और ये भी बहुत अच्ची तरह जानता है कि श्रिष्टिव्यवस्था के तैहैत क्षमा करना कराना ही श्रिष्टि व्यवस्थापक की हर बार की कमजोरी है
जो एक को व्यवस्थापक व दूसरे को विध्वन्सी बनाये हुये है
महाभारत, वर्ल्डवार, रैगुलर डिप्लोमैसी के बाद इनका अपग्रेड लेटेस्ट वर्ज़न
महाश्रिष्टि के रचनाकार
श्रिष्टि व्यवस्थापक
श्रीपक