बुधवार, 9 अक्टूबर 2019

Matter 1383B Welcome to Craggy Journey For Free Enjoy *DJ*Dance*Colour-Lighting*Friendship*Chairing*Dating* Fooding* Drinking*Party* Sponsor by The Great Genius Hard-Beet Helping Nature World Lable Mr. SHRIPAK

matter 1382B पतनी पुत्र पुत्री सखा सहेलियां माता पिता गुरूजन कोर्ट के साथ के बदले हम सन्घारी कुव्यवस्था को समर्थन दें, खामोश बैठे, कारावाही ना करें, ये असम्भव है



पतनी पुत्र पुत्री सखा सहेलियां माता पिता गुरूजन कोर्ट के साथ के बदले
हम सन्घारी कुव्यवस्था को समर्थन दें, खामोश बैठे, कारावाही ना करें,  
ये असम्भव है
श्रिष्टि व्यवस्थापक
श्रिपक

Matter 1381B संघारियो द्वारा श्याडो को विश्व व्यवस्था का दुश्मन साबित करने का षडयंत्री प्रयास

मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019

Matter 1380B ये पतियों द्वारा पतनियों की गलतियों को एक तरफ़ रख क्षमा कर भूल शान्ति सहित परिवार देश विश्व व्यवस्था को चलाने का विधान है





जिम्मेदारियों का दर्द आज़ादी का शौक बन कर पतनियों से गलतियां कराता ही रैहैता है
ये गलतियां पतनियों को दण्ड योग्य साबित कर देती है
पतनियों को इस दण्ड से बचाने के लिये धर्म गुरुओं द्वारा युक्ति व अवसर प्रदान किया जाता आ रहा है
ये युक्ति व अवसर 99*99 प्रतिशत तक वैधानिक व कारागर है
इसी युक्ति व अवसर को कर्वाचौथ मेलडे कहा जाता है
ये पतियों द्वारा पतनियों की गलतियों को एक तरफ़ रख क्षमा कर भूल शान्ति सहित परिवार देश विश्व व्यवस्था को चलाने का विधान है
इसका अस्थिर होना प्रलय की शुरुआत का कारण बनता आया है
इतिहास व वर्तमान इस बात का साक्ष्य है
मोड्रन हिन्दू युग में पतियों की ये महानता आज भी परिवारों को बना रही है
देखें https://youtu.be/JDzXR_mV_fI?t=7147

सोमवार, 7 अक्टूबर 2019

Matter 1379B घरेलू, वर्जन, शुशील, चरित्रवान, पवित्र लडकियों, महिलाओं व अन्यों के विकास व अधिकारों का प्रहरी


1.       
नजरों से ओझल होने वाली

2.       ड्रग्स व जैहैरों को देने व खाने वाली  

3.       पति, पिता, भाई, चाचा, ताऊ, ससुर, दादा, मन्गेतर आदि की नजरों से बचने वाली

4.       इनके सुरक्षा दायरे को तोडने वाली

5.       धर्म, कुल, वन्स, जाति, पद, परिवार, ज्येष्ठजनों की, विवाह विधि विधानों की मर्यादा का उलन्घन करने वाली

6.       परिवार व घर की दैहैलीज़ पार कर इन्टर्नेट, फ़ोन, कागज, पैन, कुस्सी, टेबल, कार, प्लेन का इस्तेमाल कर काम करने वाली 

7.       घर से भागने व भगाने वाली

8.       निजी अन्ग प्रदर्शन वाली फ़ैसन करने वाली

9.       परिवार ससुराल से अलग अकेले रैह ग्लैमर व राज नीति को प्रधानता देने वाली

10.   कोलेज, कैम्पस, फ़्रैन्ड, पार्टी, राइडिग, पार्टटाइमजोब, कालसेन्टर, बीपीओ, होटेल, गैस्ट हाउस, लौज, पीजी, स्क्रीन-पेपर-मैसेज इन्डस्ट्रीज़, फ़ैसन व्यवसाय आदि से सम्बन्धित कार्य करने वाली   

11.   अवैध प्रजनन व प्रजनन से सम्बन्धित अन्य हरकतें करने व कराने वाली लडकियों व महिलाओं को

12.   पारिवारिक सदस्य, पुलिस, कोर्ट, मण्डल, आयोग, कमिसन, सन्स्थायें, एनजीओ, ट्रस्ट, कम्पनी, सरकारें, जीस, अधिकार देने में इन से विपरीत घरेलू, वर्जन, शुशील, चरित्रवान, पवित्र लडकियों, महिलाओं व अन्यों की अपेक्षा द्वीतिय स्थान प्रदान करेंगी

घरेलू, वर्जन, शुशील, चरित्रवान, पवित्र लडकियों, महिलाओं व अन्यों के विकास व अधिकारों का प्रहरी

श्रीपक

शनिवार, 5 अक्टूबर 2019

Matter 1378B : 1. काम अधिकारों व अपराध दण्डों का आधार है


1



काम अधिकारों व अपराध दण्डों का आधार है

2.       सभी प्राणियों के सात्विक स्वभाव [शिकार] को रोक नीति, विधि, विधान के तैहैत काम करा कर अधिकार दे कर जीवन जीने के लिये मनाना समझाना [राजी करना] ही मानवीय [कानूनी] व्यवस्था है

3.       यदि कोई वर्ग इस कानून के विपरीत या दौनों [शिकार व कानून, प्यार और जन्ग में सब जाइज़ है] ऐसे बुरे सिद्धान्तों व रास्तों का प्रयोग कर जीता व जियाता है तो वह आदिवासी वनवासी जानवरव्रित्ती निरन्कुश आज़ाद, सात्विक, शिकारी, कुव्यवस्थायी, अपराधी व इनका गिरोह है

4.       जिसे मानवीय, कानूनी, मोड्रन, गोचेज़, स्मार्ट, स्टाइलिस बनाना मानवीय कानूनी व्यवस्था का कार्य है

5.       ये ही मानवीय कानूनी व्यवस्था अर्थात सिस्टम है

6.       किसी भी कानूनी प्राणी व प्राणियों के वर्ग को यातनायें देकर, अधिकार लूट कर, कुव्यवस्थाई बनने को विवस करना व बनाना कुव्यवस्था अर्थात शिकारी, सन्घारी, कुव्यवस्था यानी डीसिस्टम है

7.       कानूनी मानवीय व्यवस्था द्वारा इन कुव्यवस्थाइयों को कानूनी बनाना अर्थात इन के अपराध रोक इनसे काम करा इन्हें व्यवस्थाई बनाने के प्रयास जारी रखना सिस्टम जारी रखना है

8.       कुव्यवस्थाइयों की जगह सिर्फ़ व्यवस्थाई शिक्षाकाराग्रह [इन्टर्नैसनल जेलों] में ही है

9.       काम, व्यवसाय, बिजिनैस, प्रोफ़सन के नाम पर अपराध शिकार सात्विक हरकतें नही कराई जा सकती, ऐसा कुव्यवस्था है

व्यवस्था स्थापित करने के लिये प्रयासरत  

श्रीपक