शुक्रवार, 12 अगस्त 2011

Release 1081 श्याडो ने अपनी बेबस कलंकित बहनों से राखी बंध वाई
















अस्तित्व मे जन्म ले चुकी हर बेबस बहिन
जो समाज के भेद भावी ढोंग के क्रूर कारणों की वजय से डर कर
किसी की कलाई मे राखी नही बाँध पा रही है
किसी को अपनी रक्षा के लिये नही कह पा रही है
अपना पुनः उद्धार नही कर पा रही है
यदि वह श्याडों की सूनी कलाई मे राखियाँ बांधना चाहती है
तो श्याडो अपनी सूनी कलाई उनके सामने करता है
राखी बंधवाता है
और
आजीवन समानता के साथ सभी बहनों की सुरक्षा के लिये
अपनी जान देने की भी कसम खाता है
बशर्ते वह राक्षसी ना हो  
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

Release 1080 भारत मे 15 अगस्त गुलामी के महतम का दिन है, पूरी धरती गुलाम है, जिसे आज़ाद करा कर रहेंगे






















Release 1080 भारत मे 15 अगस्त गुलामी के महतम का दिन है  
15 अगस्त इंडीपैन्डैन्स डे है
इंडीपैन्डैन्स का मतलब आत्म निर्भर होता है
आज के दिन अंग्रेजों ने भारत को
अपना पक्का गुलाम बनाया था 
यानी सौदा साइन करा कर मुहर लगाकर व लगवाकर 
अपनी नौकरों की युनिफ़ॉर्म पहना कर गुलाम बनाया था
और इस असहनीय घटना की हकीकत को छुपाने के लिये
प्यारा सा महसूस होने वाले शब्द इंडीपैन्डैन्स का प्रचार किया था
और भारत को निश्चिंत करने का षडयंत्रकारी आश्वासन दिया था
इस दिन को “भारत का आत्म निर्भर होने का दिन” का नाम दिया था
इसी आत्म निर्भर को अंग्रेजी मे इंडीपैन्डैन्स कहते है
तो 15 अगस्त गुलामी का दिन है आजादी का नही
आजादी उस दिन होगी
जिस दिन भारत की भाषाओं मे भारत का कानून बनेगा और चलेगा,
जिस दिन गुप्त कोर्ट की जगह सार्वजनिक जन के सामने जन राय से न्याय दिया जायेगा  
जिस दिन भारत अपनी जरूरत के अनुसार नोट छापने और बांटने के लिये स्वतंत्र होगा
जिस दिन भारत की भू सम्पदा की कीमत भारत अपनी जरूरत के तहत तय करने को और सौदा करने को आज़ाद होगा 
जिस दिन भारत अपनी सुरक्षा के लिये अपने हथियार और नीतियों को गुप्त रखने के लिये स्वतंत्र होगा   
जिस दिन भारत किसी को अपना हिसाब देने के लिये मजबूर नही होगा
जिस दिन भारत किसी के सवालों का जबाब देने के लिये मजबूर नही होगा
जिस दिन भारत किसी के कानून व किये जा चुके सौदों को मानने के लिये मजबूर नही होगा
भारत आज ये सब मजबूर हो कर, कर रहा है
इस लिये भारत गुलाम है
और ये ही गुलामी धरती पर 193 देश झेल रहे है
जिन्हें आज़ाद करा कर रहेंगे
धरती पर स्वर्ग ला के रहेंगे
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

गुरुवार, 11 अगस्त 2011

Release 1079 सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा हो रहा है, यदि आप सही हैं तो रो को, यदि आप गलत हैं तो होने दो

Release 1079 सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा हो रहा है, यदि आप सही हैं तो रो को, यदि आप गलत हैं तो होने दो


सेवा में,
       श्री..............................................
महोदय,

सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा हो रहा है
यदि आप सही हैं तो रो को
यदि आप गलत हैं तो होने दो
जिस ज़मीन का मालिक कब्ज़ा कर रहा है और जहां कर रहा है उसका पता:  
एस 23 पुल प्रहलाद पुर एम बी रोड दिल्ली 110044
थाना दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के एस आई (मो.9650799100) और एस एच ओ (9868858722) को 7.8.2011 को दो-दो एस एम एस करके रोकने को कहा जा चुका है
11.8.2011 को कब्ज़ा जारी है

जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो









बुधवार, 10 अगस्त 2011

Release 1078 आप ही भगवान है कोशिश करके देखो
























आपको अपने काम लोक तंत्र के तहत करने ही होंगे
आपको राक्षस तंत्र हटाना ही होगा
आपका हर क्रूर कार्य आपकी राक्षसी सोच का सबूत है
जैसा काम करोगे वैसा ही फल मिलेगा
यह ईश्वर का विधान है
आप ही भगवान हैं
कोशिश तो करके देखो
सत्य का सामना मजबूत बनाता है कमजोर नही
ये ही परम आनन्द का मार्ग है
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

Release 1077 लाइव टैलीकास्ट पे हम से आ के बात करोजनता की मरजी मानो और सेवक बन के काम करो


लाइव टैलीकास्ट पे हम से आ के बात करो
हमसे आ के बात करो अपनी नीयत साफ करो

लाइव टैलीकास्ट पे साफ-साफ तुम बात करो
जनता की मरजी मानो और सेवक बन के काम करो

ऐसा ना करना तेरा ये देश द्रोह कहलायेगा
सर्व नाश होगा तेरा और जन झंडा लहरायेगा

तेरे ही घर वाले तेरा जीना हराम कर देंगे
ले के अपना बोरा बिस्तर वो भी जन संग हो ले गे

सत्तर साल पुराना है तू इसी लिये समझाता हू
ले के झंडा आज तिरंगा चीख-चीख में गाता हूँ

वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम          
वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम     

    

Release 1076 सोमानियां किसी कीमत पर यू एन (यानी लुटेरों का समूह) के समझौते को स्वीकार ना करे

सोमानियां को यू एन (यानी लुटेरों का समूह) की गुलामी के जाल से बचना ही होगा
सोमानियां किसी कीमत पर यू एन (यानी लुटेरों का समूह) के समझौते को स्वीकार ना करे  
यू एन (लुटेरों का समूह) सोमानियां को अपना गुलाम बनाने के लिये सहायता के बदले गुलाम बनाने के समझौते पर धोखे से साइन कराना चाहता है
साइन कभी भी किसी भी हालत मे ना करना,
गुलाम कभी भी ना बनना,
अपने समन्दर की माल गुजारी हर जहाज से अपनी जीविका के अनुसार छीन कर रहना,     
जब यू एन (यानी लुटेरों का समूह) अपने 193 देशों के 95% लोगों को 65 सालों मे समानता के साथ निश्चिंत नही दे सका
तो यू एन (यानी लुटेरों का समूह) सोमानियां के लोगों की क्या मदद करेगा,
इतना सोचने की समझ तो सोमानियां के रक्षकों मे है ही
इसका सबूत 193 देशों मे 95% चिंतितों द्वारा निश्चिंतितों से समानता के तहत अपने अधिकार छीनने का प्रयास दिख ही रहा है,
ये लुटेरे इस बात को बात से खतम करने की बजाय हत्या क्रूरता और कैद करके दहशत देकर दबाने कुचलने पर लगे हुये है
ये लुटेरे नही जानते जब तल ये इंटर नेट और फोन बन्द नही करेंगे तब तक यह नही रुकेगा
पर इनकी मजबूरी देखो कि इंटर नेट और फोन बन्द कर देंगे तो अपनी सुरक्षा की जानकारी कहां से कैसे लेंगे         
2008 मे श्याडो ने यू एन (यानी लुटेरों का समूह) को प्रस्ताव भेजा था
जिसमे धरती पर देशों के बीच युद्धों को जड सहित समाप्त करने का 100% उपाय था
फिर इनको वेब पेज पर उपाय दिया पर 3 सालों मे यह समानता नही दे सके  
पर यू एन (यानी लुटेरों का समूह) को तो भेद भाव के साथ लूट कर, धोखा देकर, भ्रमित कर के, ऐस करने की बुरी आदत पड गई है, यह एव है, यह बीमारी है,
और सोमानियां अफगानिस्तान इरान इराक पाकिस्तान भारत चीन जैसे देशों को इस बीमारी का इलाज श्याडो दे चुका है
बेबस हो कर सुरक्षा करना और हारना इस मे फर्क करने का पाठ अभी यू एन (यानी लुटेरों का समूह) को पढने के लिये श्याडो के मंत्र स्वीकार करने होंगे
वरना युग परिवर्तन का काम ईश्वर के स्वरूप श्याडो ने शुरू कर ही दिया है            
यू एन के लुटेरे सोमानियां को गुलाम बनाने के लिये के सोमानियां के रक्षकों को आतंकवादी कह कर मार रहे है
और सोमानियां के कुछ अनपढ, अपराधी, नासमझ, मजबूर, लालची, गद्दार, देशद्रोही, लोगों का मत लेकर
मत की संख्या को झूठ से बढाकर
झूठा प्रचार कर के
सोमानियां को भी इरान इराक पाकिस्तान अफगानिस्तान लीबिया की तरह अपना गुलाम बनाना चाहते है
आज इंसान की उम्र करीब 100 साल मानी जा रही है
इन 100 सालों मे जानवरों की तरह बैल गाडी मे जुत कर इन लुटेरों की गुलामी का बोज उठाने से अच्छा है   
कि हर पल आज़ाद सेर की तरह जंगल का राजा बन कर शान से तब तक जिये
जब तक अपने को लूटने वाले लुटेरों के साथ युद्ध मे शहीद ना हो जाये
ताकि भविष्य मे कोई ये उदाहरण दे कर कि सोमानियां ने भी गुलामी स्वीकार की थी
इस लिये मैने भी गुलामी स्वीकार कर ली
यह कह कर गुलामों की नस्ल पैदा करना ना शुरू कर दे
बल्कि आजाद शेरों की नसल पैदा करे 
ऐसे ही आज़ाद शेरों की एक सेना है
जो इस अस्तित्व मे जन्म ले चुके प्रत्येक की सेवा व सुरक्षा के लिये मरने को सदैव तैयार रहती है  
जिसका नाम है
राह नितिज्ञ श्याडो       

जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

मंगलवार, 9 अगस्त 2011

Release 1076 धरती पर सरकारों के ज़हन मे ये सवाल घूम रहे है

न.1 कि श्याडो का किसी कानून के तहत पंजीकरण क्यों नही है?
इसका कारण है कि अस्तित्व मे आज तक किसी ने श्याडो जैसा प्रचंड सर्वव्यापी लक्ष्य नही बनाया,
जब लक्ष्य ही नही बना तो कानून कहा से बनेगा   
इस लिये अस्तित्व मे श्याडो के सर्वव्यापी लक्ष्य को पूरा करने के लिये कोई नीति व नियंत्रण (कानून) मौजूद नही है
इसी लिये श्याडो का किसी कानून के तहत पंजीकरण नही हैं

इसे आप इस तरह समझ सकते है
कि आप ने कम्पनी एक्ट के तहत देश की सरकार के अधीन पंजीकरण करा लिया
देश ने यू. एन. के तहत पंजीकरण करा लिया
अब यू. एन. किसके अधीन पंजीकरण करायेगा
क्यों कि यू. एन. सबसे ताकतवर है इस लिये यू. एन. को किसी के अधीन पंजी करण कराने की जरूरत नही

इसे आप इस तरह भी समझ सकते है
कि धरती पर 3 तरह के लोग रहते है
  1. वह लोग होते है जो अपने जीने मरने के लिये अपने फैसले और काम खुद करते हैं इनको धरती वासी कहते है 
  2. वह लोग होते है जो इन लोगों से लूट कर खाते है इनको सरकारी लोग कहते है
  3. वह लोग होते है जो धरती वासियों की सरकारी लोगों से रक्षा करते है इनको विसेर (यानी विश्व सेवक व रक्षक) यानी श्याडो कहते है   
तो आप समझ सकते है कि इन तीनों तरह के लोगों मे श्याडों लोग सबसे उपर के पाले मे आते है इस लिये श्याडो के तहत अस्तित्व मे मौजूद सभी सरकारें और सरकारों के कानून आते है इस लिये श्याडो का स्वरूप अस्तित्व मे सबसे उपर है इस लिये श्याडो को धरती पर मौजूद किसी कानून के अधीन पंजी करण कराने की ज़रूरत नही    
जब जरूरत ही नही है तो श्याडो इन सरकारों के कानूनों के तहत अपना पंजीकरण कैसे करा सकता है
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो