रविवार, 19 फ़रवरी 2012

Release 1144 ऐसे होगा सिर्फ 3 सेकेंड मे धरती की हर समस्या का जड सहित अन्त


















धरती के अंश प्राकृतिक तत्व होते हैं
प्राकृतिक तत्वों का संतुलन जीवन को जन्म देता है
जीवन के तहत वनस्पति, जंतु, जीव और मानव जन्म लेते हैं
मानव की सम्पत्ति उसकी भूमि की सीमा होती है
भूमि का विवाद गलत को जन्म देता है
गलत करोडों की अकाल हत्या का कारण होता है
तो यदि गलत को हटा कर करोडों अकाल हत्याओं को रोकना है तो
मानव की सम्पत्ति उसकी भूमि की सीमा का अंत करना ही होगा
यानि समानता के साथ धरती हर जन्मे की
ऐसे होगा
सिर्फ 3 सेकेंड मे
धरती की हर समस्या का जड सहित अन्त
जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

  

      

शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

Release 1142 प्रवचन, कोई आप का मांस खा कर ऐस कर रहा है

















प्रवचन
हे धरती वासियों
कोई आप का मांस खा कर ऐस कर रहा है
उसने आप को अपने माया जाल व टुटका करके फंसा रक्खा है
आपके शरीर से मांस खतम होने पर वह आपको मरने के लिये गन्दे नाले में फैंक देता है
मर गये तो वह आपकी आने वाली पीडी का मांस खाने लगता है
बच गये तो वह फिर से तुम्हें हलाल करने अपने दूत भेज देता है
और तब तक उन्हें यातना ग्रह में यातनायें देता है
जब तक आप खुद अपना मांस नुचवाने के लिये राजी नहीं हो जाते 
करोडों धरती वासी आज इन राक्षसों के यातना ग्रह में यातनायें सहने को विवश होकर यातनायें सह रहे हैं
ये राक्षस तब तक मांस नौच कर खाते है जब तक शरीर हड्डियों का कंकाल ना बन जाये
अगर इश बीच आप मर गये तो आत्म हत्या या निजी दुश्मनी का ढिडोरा पीट कर आप को ही दोषी बना कर अपना पल्ला छुडा लेते हैं  
अगर आप अपनी जान बचाने में कामयाब रहे तो फिर से मांस नौचने पहुंच जाते हैं
युगों से पीडी दर पीडी वह आपका मांस नौचते आये हैं
युगों से आपके पूर्वज अपना मांस नुचवाते आये हैं
सतयुग में रावणसेना ने  
द्वापरयुग में हिरंण्यकश्चपसेना ने
त्रेतायुग मे कंससेना ने ये काम किये थे
आज कलियुग मे ये काम युनाइटेडनेसनफोर्स कर रही हैं
सतयुग में श्री राम , द्वापर में श्री प्रहलाद , त्रेता में श्री कृष्ण ने इन राक्षसों से धरती वासियों को मुक्त कराया था
कलियुग में इस काम को करने के लिये नियति ने युग पुरुष अन्द्रगुप्त का धरतीभिशेख कर दिया है        
युनाईटेडनेसनफोर्स की ऐस मौज मस्ती और हथियारों के खर्चों के लिये
हर दिन करोंडों धरती वासियों को अपनी जान दे कर
इनके जबडों मे अपना मांस खुद रखना पड रहा है    
जिसकी वजय से धरती पर जीवन का आधार
वातावरण का संतुलन
समाप्त होता जा रहा है
युनाईटेडनेसनफोर्स ने धरती को छोड अन्य ग्रहों पर रहने की तैयारी पूरी कर ली है
अब मरेंगे सिर्फ धरतीवासी
और मौत होगी धरती पर जीवन की
धरती पर जीवन और धरती वासियों को बचाने की जिम्मेदारी श्याडो ने ली है
इसी उद्देश्य के तहत श्याडो ने
असमानता , अन्याय , अत्याचार , असभ्यता , अमानवीयता , अपमान , अंग निरादर , अंगभक्षण , गुलामी और हत्या आदि अपराधॉ के विरुद्ध
व पुनः सतयुग की नीव रखने की कार्यवाही प्रारम्भ शुरू कर दी है,
धरतीवासियों के चरणों मे प्रणाम कर सफलता के आशीर्वाद की भीख मांगते हैं

अर्ज किया है
भूमि रक्षा, भूमि पूजन करने को हम डोल रहे हैं
जिसमे ना की, रक्षा पूजा, दंडित होगा बोल रहे है

जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो
                                                                                   


   


     

गुरुवार, 26 जनवरी 2012

Release 1140 यदि संयुक्त राष्ट्र संघ की खामोशी लगातार करोडों धरती वासियों की अकाल मौत का कारण बनी रहे तो संयुक्त राष्ट्र संघ के व्यवस्थापकों को बदलने की कार्यवाही सही है या गलत?




















प्रस्तुति
लक्ष्य, धरती जीवन लोकतंत्र आजादी और सम्मान की रक्षा.
इसके लिये धरती पर समान कानून और व्यवस्था की स्थापना ज़रूरी है.
इसके लिये प्रत्येक जन्म ले चुके की सेवा सुरक्षा ज़रूरी है.
इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिये धरती वासियों का महा सैलाब तैयार है.
धरती वासियों की सीमा के तहत सभी ग्रह, प्रजाति, धर्म और देश समाहित हैं.
यह संयुक्त राष्ट्र संघ के आगे का पडाव (ऊर्ध-शिखर) है.
  1. संयुक्त राष्ट्र संघ धरती पर कितने प्रतिशत समान कानून व्यवस्था स्थापित करने में सफल रहा है?
  2. संयुक्त राष्ट्र संघ कितने समय में धरती पर समान कानून व्यवस्था स्थापित करने का अनुमान प्रस्तुत कर सकता है?
  3. यदि संयुक्त राष्ट्र संघ जबाब ना दे तो संयुक्त राष्ट्र संघ को धरती वासियों के साथ की गई भागीदारी तोडने का दोषी माना जाये या नही?
  4. संयुक्त राष्ट्र संघ के दोषी पाये जाने पर संयुक्त राष्ट्र संघ का नियंत्रण समय पर भागीदारी पूरी करने वाले का वादा करने वाले योग्य नियंत्रक के हाथों में स्थानांतरित किया जाना चाहिये या नहीं?
  5. यदि संयुक्त राष्ट्र संघ की खामोशी लगातार करोडों धरती वासियों की अकाल मौत का कारण बनी रहे तो संयुक्त राष्ट्र संघ के व्यवस्थापकों को बदलने की कार्यवाही सही है या गलत?

अपने सर्व-हितकारी, अनमोल, अमृत-मय राय प्रकट कर धरती जीवन लोकतंत्र आज़ादी और सम्मान की स्थापना के प्रयत्न में अपना योगदान प्रस्तुत करें,
बेबसी व मौतें हटा के रहेंगे, धरती पे स्वर्ग ला के रहेंगे.

जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

शनिवार, 31 दिसंबर 2011

Release 1139 ब्लेडबाज़ डाइनें, भारत में जनता की दुश्मन, क्यों नही बनने दे रही असरदार कानून ?

        























भारत की जनता की सबसे बडी दुश्मन
जनता को अपना गुलाम बनाये रखने के लिये
जेलों में दिखाती हैं यह अपना असली रूप
जेलों में जनता के अनगिनत शरीरों को चीर चुकी हैं ये डाईनें
जिसने चिरने के बाद भी इनकी गुलामी नही मानी
उनका हसन लखनऊ यू .पी. की जेल में डाक्टर गुप्ता जैसा किया जाता है
तडपा तडपा कर सभी मुख्य नसों को यानी 8 नब्जों को काट काट कर की थी उनकी हत्या
आँखों से भी ना दिखने वाले कीटाणुओं को ढूडने मे कामयाब सरकारें
क्यों फेल हो जाती है जल्लादों को ढूँडने में ?
क्यों नही बनने दे रही असरदार कानून ?

धरती के भक्तों का दर्द

जय धरती जय मानवता
विश्व सेवक व रक्षक
श्याडो

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

Release 1138 तो क्या लोकतंत्र मे श्रद्धा रखने वाले को समानता से बारी-बारी मिल कर सभी काम करने चाहिये या नही, एक ताँगा को ध्यान से देखो

एक ताँगा को ध्यान से देखो

  1. ताँगे मे जुता घोडा जनता है,
   जो श्रम भी करती है,
   अपने श्रम पर निगरानी भी रखती है,
   योजना भी बनाती है,
   और अपनी गलती के लिये खुद जिम्मेदार भी होती है

  1. तांगे वाला सरकारी सेवक है,
   जो निगरानी भी करता है,
   योजना भी बनाता है,
   और अपनी गलती के लिये खुद जिम्मेदार भी होता है

  1. ताँगे पर सवारी करने वाले राजनेता है
जो श्रम भी नही करते,
जो निगरानी भी नही करते,
जो अपनी गलती के लिये खुद जिम्मेदार भी नही होते,
जो सिर्फ राज करने के लिये, नेता बन कर ऐश करने के लिये योजना बनाते है,

लोकतंत्र कहता है कि में सभी को समानता के साथ कर्तव्य और अधिकार प्रदान करता हूं 
तो क्या लोकतंत्र मे श्रद्धा रखने वाले को समानता से बारी-बारी मिल कर सभी काम करने चाहिये या नही ?